बेलफास्ट। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए आयरलैंड दौरा किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। तीन मैचों की टी20 सीरीज जीतने के इरादे से उतरी टीम इंडिया को मेजबान आयरलैंड ने 2-0 से हराकर इतिहास रच दिया। इस हार के साथ ही बतौर कप्तान अपना पहला अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट संभाल रहे श्रेयस अय्यर के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जिसे कोई भी कप्तान अपने करियर में नहीं देखना चाहेगा। भारत की लगा0तार टी20 सीरीज जीतने की लय भी इस हार के साथ टूट गई और आयरलैंड ने पहली बार किसी भी टी20 सीरीज में भारत को शिकस्त देकर नया इतिहास लिख दिया।
पहली ही कप्तानी सीरीज में मिली हार
श्रेयस अय्यर को भारतीय टी20 टीम की कमान भविष्य को ध्यान में रखते हुए सौंपी गई थी, लेकिन कप्तानी की शुरुआत उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही। पहले मुकाबले में भारत 34 रन से हार गया, जबकि दूसरा मैच महज 1 रन से गंवाकर पूरी सीरीज हाथ से निकल गई। इस हार के साथ श्रेयस अय्यर डेब्यू टी20 सीरीज हारने वाले भारत के दूसरे कप्तान बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड शिखर धवन के नाम दर्ज था।
शिखर धवन के बाद इस लिस्ट में शामिल हुए अय्यर
साल 2021 में श्रीलंका दौरे पर शिखर धवन ने पहली बार भारतीय टी20 टीम की कप्तानी की थी। शुरुआती मुकाबला जीतने के बाद टीम में कोविड संक्रमण फैलने से कई खिलाड़ी बाहर हो गए थे और भारत को सीरीज गंवानी पड़ी थी। अब चार साल बाद श्रेयस अय्यर भी उसी अनचाही सूची में शामिल हो गए हैं, जहां डेब्यू कप्तानी सीरीज हारने का रिकॉर्ड दर्ज है।
ऋषभ पंत वाले रिकॉर्ड की भी बराबरी
श्रेयस अय्यर ने एक और ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जिसे भारतीय कप्तान भूलना चाहेंगे। वह बतौर कप्तान अपने पहले दो टी20 इंटरनेशनल मैच हारने वाले केवल दूसरे भारतीय कप्तान बन गए हैं। इससे पहले साल 2022 में ऋषभ पंत की कप्तानी में भारत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरुआती दो मुकाबले हार गया था। हालांकि बाद में टीम ने वापसी कर सीरीज 2-2 से बराबर कर ली थी।
आयरलैंड ने रचा नया इतिहास
इस सीरीज में आयरलैंड ने शानदार क्रिकेट खेलते हुए भारत को दोनों मैचों में मात दी। पहले मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई, जबकि दूसरे मैच में रोमांचक संघर्ष के बाद भी टीम इंडिया जीत से सिर्फ एक रन दूर रह गई। यह पहली बार है जब आयरलैंड ने भारत के खिलाफ कोई अंतरराष्ट्रीय टी20 सीरीज अपने नाम की है।
श्रेयस अय्यर के लिए यह हार सिर्फ एक सीरीज की हार नहीं, बल्कि कप्तानी की बड़ी परीक्षा भी बन गई है। आने वाले मुकाबलों में टीम इंडिया से मजबूत वापसी की उम्मीद रहेगी, जबकि चयनकर्ताओं की नजर भी अब टीम के प्रदर्शन और नेतृत्व दोनों पर रहेगी।

