मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद भावुक और सोचने पर मजबूर कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवती ने कथित तौर पर लगातार शादी के रिश्ते टूटने और मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली। परिजनों का दावा है कि युवती का सांवला रंग उसके लिए बार-बार रिजेक्शन की वजह बन रहा था। पिछले तीन वर्षों में लगभग 10 बार रिश्ता टूटने के बाद वह गहरे तनाव में चली गई थी।
तीन साल से चल रही थी रिश्ते की तलाश
बता दें यह घटना गायघाट थाना क्षेत्र के मकरंदपुर गांव की है। मृतका की पहचान अंशु कुमारी के रूप में हुई है। वह पीतांबर कुमार की बेटी थीं। परिवार के अनुसार, बुधवार को एक और परिवार शादी के सिलसिले में अंशु को देखने आने वाला था, लेकिन उससे एक रात पहले ही उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
परिजनों ने बताया कि पिछले करीब तीन वर्षों से अंशु की शादी के लिए लगातार रिश्ते तलाशे जा रहे थे। कई परिवार उसे देखने भी आए, लेकिन हर बार किसी न किसी कारण से रिश्ता आगे नहीं बढ़ सका। परिवार का कहना है कि अंशु को लगता था कि उसका सांवला रंग ही उसके रिश्ते टूटने की सबसे बड़ी वजह है।
बताया जा रहा है कि घटना से एक दिन पहले अंशु काफी परेशान थी। मंगलवार रात उसने खाना भी नहीं खाया और सीधे अपने कमरे में चली गई। बुधवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को चिंता हुई। खिड़की से देखने पर अंशु का शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम छा गया और गांव में भी शोक का माहौल बन गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही गायघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसडीपीओ अलय वत्स ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
समाज के सामने बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में रंग-रूप को लेकर बनी धारणाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। शादी जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों में केवल बाहरी रूप-रंग को आधार बनाना मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकता है। यदि कोई व्यक्ति लगातार मानसिक तनाव, निराशा या अवसाद से गुजर रहा हो, तो समय रहते परिवार, मित्रों या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेना बेहद जरूरी है।

