मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। RBI की मौद्रिक नीति के फैसले से पहले बाजार में ब्याज दरों को लेकर बनी चिंता का असर कारोबार पर नजर आया।बुधवार के कारोबार में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। सेंसेक्स में 450 से अधिक अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी दबाव में रहा और 22,650 के नीचे बंद हुआ।
बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी के फैसले से पहले ब्याज दरों को लेकर बनी आशंका रही। निवेशकों को चिंता थी कि महंगाई पर काबू पाने के लिए RBI ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।
दो दिन की राहत के बाद फिर से बिकवाली शुरू
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में दो दिन की राहत रैली के बाद फिर से बिकवाली शुरू हो गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 453.35 अंक गिरकर 72,614.46 पर आ गया। निफ्टी भी 164.90 अंक की गिरावट के साथ 22,611.20 पर पहुंच गया।
अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में गिरावट
निवेशकों का ध्यान अब भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के परिणाम पर केंद्रित है। बाजार में व्यापक बिकवाली का दबाव देखा गया। निवेशक केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं। टाइटन और अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 3 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। सुबह के कारोबार में बाजार की चौड़ाई कमजोर रही, जो अधिकांश प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक बिकवाली को दर्शाती है।
इन क्षेत्रों में गिरावट और बढ़त
भारतीय क्षेत्रीय सूचकांकों में व्यापक रूप से गिरावट दर्ज की गई। ऑटो, धातु, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं और एफएमसीजी शेयरों में भारी बिकवाली हुई। सूचना प्रौद्योगिकी, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक और रियल्टी सूचकांक भी गिरे। हालांकि, मीडिया एकमात्र ऐसा क्षेत्रीय सूचकांक रहा जिसने बढ़त हासिल की। फार्मा और स्वास्थ्य सेवा के शेयर अपेक्षाकृत मजबूत बने रहे।