नई दिल्ली: अगर आपके घर में बेटियां हैं, तो यह खबर आपके लिए है। आमतौर पर सरकार की ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ में एक परिवार की सिर्फ दो बेटियों का ही खाता खुल सकता है, लेकिन अगर आपके घर में जुड़वां या एक साथ तीन बच्चियों ने जन्म लिया है, तो आप तीसरी बेटी का भी खाता खुलवा सकते हैं।
इस योजना में सही तरह से पैसे जमा करके आप तीनों बेटियों के लिए कुल मिलाकर 2.15 करोड़ रुपए तक का फंड तैयार कर सकते हैं। इसके लिए बस आपको मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा।
18 साल की होते ही बेटी के हाथ में कंट्रोल
आप किसी भी पोस्ट ऑफिस या बैंक में सिर्फ 250 रुपए देकर यह खाता खुलवा सकते हैं। इसके बाद हर साल कम से कम 250 रुपए जमा करना जरूरी है।
जब तक बेटी 18 साल की नहीं हो जाती, तब तक माता-पिता खाता संभालेंगे। 18 साल की होते ही बेटी जरूरी कागजात जमा करके खुद अपना खाता चला सकती है।
खाता कब खुलेगा और कब नहीं
सुकन्या स्कीम के मुताबिक, तीसरी बेटी का खाता खुलेगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चियों का जन्म किस क्रम में हुआ है
अगर पहली बार में ही एक साथ तीन बेटियां पैदा हुई हों। या फिर, पहली बार में एक बेटी हुई हो और दूसरी बार में जुड़वां बेटियां पैदा हुई हों। दोनों स्थितियों में तीनों बेटियों का सुकन्या खाता खुल जाएगा।
अगर पहली बार में जुड़वां बच्चे हुए हों और बाद में दूसरी डिलीवरी में सामान्य रूप से एक और बेटी पैदा हो, तो तीसरी बेटी के नाम पर खाता नहीं खोला जा सकता।
तीसरे खाते के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी
तीसरी बेटी का सुकन्या खाता खुलवाने के लिए माता-पिता को किसी सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल से मिला मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करना होगा। यह सर्टिफिकेट इस बात का सबूत होता है कि बच्चियां जुड़वां या एक साथ तीन पैदा हुई हैं।
तीन खातों से 2.15 करोड़ रुपए कैसे बनेंगे
सुकन्या समृद्धि योजना में आप एक खाते में हर साल ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख जमा कर सकते हैं।
अगर आप बेटी के 10 साल का होने से लेकर 21 साल की मैच्योरिटी तक हर साल 1.5 लाख जमा करते हैं, तो कुल 22.5 लाख रुपए जमा होंगे। 8% ब्याज के हिसाब से मैच्योरिटी पर आपको 71.82 लाख रुपए मिलेंगे, जिसमें 49.32 लाख रुपए सिर्फ ब्याज होगा।
अगर यही तरीका तीनों बेटियों के खातों में अपनाया जाए, तो 21 साल पूरे होने पर आपको कुल मिलाकर लगभग 2.15 करोड़ मिलेंगे।
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टैक्स में पूरी छूट और बीच में पैसे निकालने का नियम
इसमें जमा किए गए पैसे, हर साल मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी के पूरे पैसे पर कोई टैक्स नहीं लगता। खाता 21 साल में पूरा होता है, लेकिन बेटी के 18 साल की होने के बाद उसकी पढ़ाई या शादी के लिए समय से पहले भी पैसे निकाले जा सकते हैं।

