नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में उठे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर गंभीर रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने इस संबंध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए National Testing Agency (NTA) को नोटिस जारी किया है और विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिका की कॉपी सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाए।
वहीं सुनवाई के दौरान सुप्रीम Court ने NTA को काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का आदेश दिया, वहीं मॉनिटरिंग कमेटी के चेयरमैन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि अदालत के आदेशों का पूरी तरह पालन हो। मामले की अगली सुनवाई अब शुक्रवार को होगी।
दोबारा परीक्षा की मांग
जानकारी अनुसार, यह याचिकाएं Federation of All India Medical Association (FAIMA) और United Doctors Front की ओर से दायर की गई हैं। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं और पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आई हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
याचिका में मांग की गई है कि NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा कराई जाए और पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में संपन्न हो। इसके लिए एक ‘हाई-पावर्ड कमेटी’ गठित करने की अपील की गई है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करें।
बता दें याचिकाकर्ताओं ने अदालत से आग्रह किया है कि प्रस्तावित समिति में एक साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ और एक फॉरेंसिक वैज्ञानिक को भी शामिल किया जाए, ताकि डिजिटल डेटा, परीक्षा सर्वर, प्रश्नपत्र लीक और तकनीकी गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो सके।
याचिका में यह भी कहा गया है कि जब तक नई स्वतंत्र परीक्षा एजेंसी “NEIC” औपचारिक रूप से अस्तित्व में नहीं आ जाती, तब तक NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं की निगरानी न्यायिक समिति के अधीन कराई जाए।
सेंटर-वाइज रिजल्ट सार्वजनिक करने की मांग
मामले में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए याचिकाकर्ताओं ने NEET-UG 2026 के सेंटर-वाइज रिजल्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि इससे संदिग्ध पैटर्न, असामान्य रिजल्ट और संभावित धांधली की निष्पक्ष जांच संभव हो सकेगी।
देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की नजर अब सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है, क्योंकि इस फैसले का सीधा असर NEET-UG 2026 के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर पड़ सकता है।

