टाटा संस के चेयरमैन एन.चंद्रशेखरन के पद छोड़ने के फैसले के बाद समूह के भीतर नई चर्चा शुरू हो गई है। नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी ने उनसे फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा है। अब 17 सितंबर की बोर्ड बैठक अहम मानी जा रही है। देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल टाटा ग्रुप में नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने फरवरी 2027 के बाद पद पर नहीं बने रहने का फैसला किया है। अब उन्हें रोकने की कोशिशें शुरू होने की खबरें सामने आ रही हैं।
टाटा संस की Nomination and Remuneration Committee (NRC) चाहती है कि चंद्रशेखरन अपने फैसले पर एक बार फिर विचार करें। इसी वजह से अब सबकी नजर 17 सितंबर को होने वाली बोर्ड बैठक पर है।
क्यों चंद्रशेखरन को रोकना चाहती है NRC?
चंद्रशेखरन लंबे समय से टाटा समूह की कमान संभाल रहे हैं और उनके कार्यकाल में कई बड़े कारोबारी फैसले लिए गए। समूह के AI से जुड़े प्रोजेक्ट्स से लेकर भविष्य की कारोबारी रणनीति तक कई महत्वपूर्ण योजनाएं अभी आगे बढ़ रही हैं।
इसके अलावा टाटा संस की संभावित Listing/IPO को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। ऐसे समय में चेयरमैन बदलने से कंपनी के सामने नेतृत्व और रणनीति को लेकर नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। यही कारण है कि NRC और समूह से जुड़े कुछ लोग मौजूदा नेतृत्व को जारी रखने के पक्ष में बताए जा रहे हैं।
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17 सितंबर को क्या हो सकता है?
टाटा संस की अगली बोर्ड बैठक 17 सितंबर को होनी है। माना जा रहा है कि बैठक में चंद्रशेखरन के भविष्य और NRC की सिफारिश पर चर्चा हो सकती है। मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दूसरी तरफ टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका बेहद अहम है। रिपोर्ट्स में टाटा ट्रस्ट्स के भीतर चंद्रशेखरन के अगले कार्यकाल को लेकर अलग राय होने की बात कही गई है।

