मऊगंज। सागौन की इमारती लकड़ी की अवैध तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है, बांस की आड़ में बेशकीमती लकड़ी छिपाकर विभिन्न राज्यों में भेजी जा रही थी। यह वाहन पश्चिम बंगाल से उत्तर प्रदेश के बरेली के लिए रवाना हुआ था, लेकिन रास्ते में ही जांच के दौरान तस्कारों का भंडा फूट गया। यह एक अंतरराज्यीय गिरोह का काम था, जिसमें फर्जी दस्तावेज, ई-वे बिल और GPS ट्रैकिंग का इस्तेमाल हो रहा था। वन विभाग ने लकड़ी जब्त की, वाहन सीज किया और जांच शुरू कर दी है।
जांच के दौरान वाहन पर आशंका होने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चालक को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने पहले लूट की झूठी कहानी बताई, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया। जांच में सामने आया कि लकड़ी को मऊगंज में उतारकर दूसरी गाड़ी से बिहार भेजने की योजना थी। इस मामले में कई राज्यों से जुड़े तस्करों की संलिप्तता सामने आई है। फर्जी दस्तावेज, कम मूल्यांकन और कर चोरी के जरिए इस अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया है और अन्य की तलाश जारी है। यह मामला न केवल तस्करी, बल्कि व्यवस्था की खामियों को भी उजागर करता है।

