बालाघाट: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के अनुरूप बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित रहे 100 चिन्हित गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, अधोसंरचना विकास तथा रोजगारमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने तत्परता से प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस दिशा में बालाघाट जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों के अधिकारियों को 14 दिनों के भीतर चिन्हित 100 गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद करने तथा उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी कड़ी में कलेक्टर आदित्य सिंह ने 28 अक्टूबर को लांजी विकासखंड की देवरबेली ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम बरगुड़-(सतोना), केराडीह, संदूका एवं सायर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। साथ ही इन गांवों के आंगनवाड़ी केंद्रों एवं स्कूल का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का जायजा भी लिया
आंगनवाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण
कलेक्टर आदित्य सिंह 28 अक्टूबर को सबसे पहले देवरबेली ग्राम पंचायत के ग्राम बरगुड़-(सतोना) पहुंचे। यहां उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता से बच्चों के टीकाकरण तथा बीमारियों से ग्रसित बच्चों की जानकारी ली। इस दौरान बताया गया कि गांव के सभी बच्चों का नियमित रूप से टीकाकरण किया जा रहा है तथा गांव में कोई भी बच्चा बीमार नहीं है। कुपोषित बच्चों के संबंध में जानकारी लेने पर बताया गया कि एक बच्चा एसएएम (SAM) श्रेणी में है, जिसका उपचार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का चार्ट लगाना अनिवार्य
आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर एक निर्धारित प्रारूप में चार्ट अनिवार्य रूप से चस्पा किया जाए। इस चार्ट में केंद्र में दर्ज बच्चों के नाम, उनकी उम्र, टीकाकरण की स्थिति, कुपोषण की एसएएम एवं एमएएम श्रेणी, एनीमिया से संबंधित स्थिति तथा बीमार बच्चों के पिछले फॉलोअप की जानकारी दर्ज होनी चाहिए।
पेयजल समस्या के निराकरण के निर्देश
ग्रामीणों ने चर्चा के दौरान बताया कि गांव के 13 किसानों का कोदो-कुटकी उपार्जन के लिए पंजीयन नहीं हो पा रहा है। इस पर कलेक्टर सिंह ने कृषि विभाग के अधिकारियों को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई कर किसानों की समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने गांव में नल-जल योजना का पंप खराब होने के कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की समस्या भी बताई। इस पर कलेक्टर ने ग्राम पंचायत के सचिव को निर्देशित किया कि पंचायत में उपलब्ध राशि का उपयोग कर पंप की मरम्मत कराई जाए तथा शीघ्र ही पेयजल आपूर्ति पुनः शुरू कराई जाए। उन्होंने आयुष विभाग के अधिकारी को गांव में अपनी सेवाएं देने तथा बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए आवश्यक पोषण सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

