पटना। पटना कोचिंग फायरिंग विवाद में चर्चित शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर ने कानूनी प्रक्रिया का रास्ता अपनाते हुए पटना सिविल कोर्ट में सरेंडर करने का फैसला लिया है। गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज होने के लगभग 24 घंटे बाद खान सर अपने वकीलों के साथ कोर्ट पहुंचे, जहां उनके सरेंडर के बाद जमानत याचिका दाखिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
गैर-जमानती धाराओं में दर्ज है मामला
जानकारी के अनुसार, खान सर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस धारा में गंभीर अपराध की श्रेणी के तहत कार्रवाई का प्रावधान है और दोष सिद्ध होने पर 10 वर्ष तक की सजा तथा जुर्माना लगाया जा सकता है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार इस मामले में अग्रिम जमानत का प्रावधान भी सीमित माना जाता है।
गिरफ्तारी में देरी पर उठे सवाल
वहीं एफआईआर दर्ज होने के बाद भी खान सर की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान ज्ञानबिंदु कोचिंग से जुड़े शिक्षक वरुण ठाकुर ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए और गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर असंतोष जताया।
गार्ड के बयान से बढ़ी मुश्किलें
मामले की जांच के दौरान खान सर के सुरक्षा गार्डों के बयान भी चर्चा में हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार गार्डों ने पूछताछ में दावा किया कि उन्हें कथित तौर पर गोली चलाने के लिए कहा गया था और बाकी स्थिति संभाल लेने का आश्वासन दिया गया था। पुलिस ने इन्हीं बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज किया है। हालांकि इन आरोपों पर खान सर या उनके कानूनी प्रतिनिधियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रातभर कोचिंग सेंटर के बाहर जुटे रहे छात्र
सूत्रों के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस टीम कई बार खान सर के कोचिंग सेंटर पहुंची। रात के दौरान पुलिस की कई गाड़ियां अलग-अलग समय पर कोचिंग संस्थान पहुंचीं, लेकिन बड़ी संख्या में छात्र वहां मौजूद रहे। पुलिस द्वारा समझाइश दिए जाने के बावजूद छात्र देर रात तक कोचिंग सेंटर के बाहर डटे रहे।
अब कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें
खान सर के कोर्ट पहुंचने के बाद अब पूरे मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सरेंडर के बाद उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई और अदालत का फैसला इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली दिशा तय करेगा। फिलहाल पटना का यह कोचिंग विवाद शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

