अयोध्या: उत्तरप्रदेश के अयोध्या में धर्म और आस्था के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि हनुमानगढ़ी के पीछे आश्रम बताने वाले एक कथित विवेकानंद महाराज और उनके साथियों ने पुणे की एक महिला से पूजा-पाठ के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपये नकद और 80 लाख रुपये की सोने-चांदी की ज्वेलरी हड़प ली।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपियों ने पूजा-पाठ के जरिए जीवन की बाधाओं को दूर करने का भरोसा दिलाया। इसी के नाम पर उससे बड़ी रकम और कीमती आभूषण लिए गए।महिला ने पूरे मामले की शिकायत अयोध्या पुलिस से की। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला काफी समय से परेशान थी
FIR के अनुसार, पीड़ित महिला पिछले कुछ वर्षों से पुणे एयरपोर्ट में उनकी जमीन चले जाने और उचित मुआवजा न मिलने से मानसिक परेशानी में थीं। इसी दौरान उन्होंने टीवी चैनल पर अयोध्या हनुमानगढ़ी के पीछे आश्रम वाले विवेकानंद महाराज को बाधाओं को पूजा-पाठ से दूर करने का दावा करते देखा। स्क्रीन पर चल रहे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर फोन उठाने वाले ने उन्हें अयोध्या आश्रम आने को कहा और कहा कि महाराज जी पूजा से सारी समस्या दूर कर देंगे। साथ ही पूजा सामग्री के लिए कुछ रुपये साथ लाने को कहा गया।
20 लाख और चांदी के मुकुट से शुरू हुई ठगी
पीड़ित महिला ने विश्वास कर बैंक से 20 लाख रुपये निकाले और भगवान राम में आस्था के चलते स्वेच्छा से श्रीराम मंदिर में चढ़ाने के लिए 500 ग्राम चांदी का मुकुट साथ लिया और फ्लाइट से पुणे से अयोध्या आईं। आरोप है कि अयोध्या एयरपोर्ट पर विवेकानंद महाराज, उसका चेला सूरज और चालक रत्नाकर उसे रिसीव करने आए। गाड़ी में बैठाकर आश्रम के बाहर तक ले गए, जलपान कराकर एक होटल में ले गए और पूजा-पाठ के नाम पर लाए गए 20 लाख रुपये और चांदी का मुकुट लेकर चले गए। अगले दिन फिर आकर फ्लाइट टिकट कराकर उसे एयरपोर्ट पर छोड़ दिया।
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पुलिस से कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को दी तहरीर में कहा है कि विवेकानंद महाराज, उसके चेले सूरज व चालक रत्नाकर ने बाहरी समझ कर छल-कपट, धोखाधड़ी और मृत्यु का भय दिखाकर उसके करीब 2 करोड़ रुपये और 80 लाख की ज्वेलरी बेईमानी से हड़प ली है। रिपोर्ट दर्ज की गई है पुलिस मामले की जांच कर रही है।

