इंफाल: मणिपुर में तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इंफाल पूर्वी और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर सुनुलोक पहाड़ी के पास हुए हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हुए थे। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं। इस बीच, कुकी-जो बहुल कांगपोकपी जिले में आदिवासी संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (सीओटीयू) ने 24 घंटे के बंद का एलान किया है।
जंगल में लकड़ियां इकट्ठा कर रहे लोगों पर गोलीबारी
अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को जंगल में जलावन की लकड़ियां इकट्ठा कर रहे लोगों के एक समूह पर कथित तौर पर उग्रवादियों ने गोलीबारी की थी। हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक लहरी दोर्जी खाटू ने बताया कि मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से हथियार व विस्फोटक बरामद हुए हैं।
20 अक्टूबर की आधी रात से बंद
सीओटीयू ने कांगपोकपी जिले में 20 अक्टूबर की आधी रात से 21 अक्टूबर की आधी रात तक पूर्ण बंद का आह्वान किया है। संगठन ने कहा कि बंद के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और जीवन बचाने के लिए जरूरी आपात स्थितियों को छूट दी जाएगी।
संगठन के सूचना एवं प्रचार प्रभाग की ओर से जारी बयान में दावा किया गया कि कुकी-जो समुदाय के लोग लगातार जानमाल के नुकसान, घरों के विनाश, जबरन विस्थापन और असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, पुनर्वास और न्याय सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
गिरफ्तारियों पर उठाए सवाल
सीओटीयू ने तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के मामले में कुकी-जो समुदाय के लोगों की कथित तौर पर अंधाधुंध गिरफ्तारी पर चिंता जताई। संगठन ने कहा कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के जरिए संलिप्तता स्थापित किए बिना गिरफ्तारियां करना चिंताजनक है।
बयान में एनएससीएन-आईएम द्वारा पाओलेनमुंग थांगेओ की हत्या का भी उल्लेख किया गया। संगठन के मुताबिक, इस घटना ने समुदाय के लोगों में असुरक्षा और चिंता बढ़ाई है।
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32 मौतों और 271 मकानों के नुकसान का दावा
सीओटीयू ने दावा किया कि हिंसा में कुकी-जो समुदाय के 32 लोगों की जान गई, 30 गांव जला दिए गए, 271 मकान नष्ट हुए और 2,516 लोग जबरन विस्थापित हुए। संगठन ने कहा कि प्रभावित परिवार अब भी सामान्य जीवन में लौटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सीओटीयू ने बंद को न्याय, जवाबदेही, सुरक्षा और प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सामूहिक विरोध बताया। संगठन ने समुदाय के लोगों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से बंद का पालन करने की अपील की है।

