विदिशा:पिता की छोटी-सी जिद से नाराज होकर तीन साल पहले सुबह घर से निकली 14 वर्षीय नाबालिग के मानव तस्करी गिरोह के चंगुल में फंसने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। शहर के नामी स्कूल में पड़ने वाली किशोरी अपनों के बीच के विवाद से परेशान होकर घर से निकली थी। भटकते हुए वह तिरुपति और फिर झांसी पहुंची, जहां उसकी मुलाकात मानव तस्कर रग्गा उर्फ रघुराज अहिवार से हुई। पुलिस के मुताबिक रग्गा ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसे झांसी के मवई निवासी जितेंद्र प्रजापति और उसकी मां अंगूरी बाई को बेच दिया था। वहां उसकी जबरन शादी कराई गई और शोषण किया गया।
मामले में पुलिस ने खरीदार जितेंद्र प्रजापति और अंगूरी बाई को गिरफ्तार किया था। दोनों को कोर्ट से क्रमशः 20 और 10 साल की सजा हो चुकी है। मुख्य आरोपी रग्गा की पहचान और तलाश में पुलिस को तीन साल लग गए।
एसपी रोहित काशवानी के निर्देश पर थाना प्रभारी आनंद राज और जांच टीम ने जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ कर उसके असली नाम और गांव का पता लगाया। आरोपी उस समय दूसरे मामले में ग्वालियर सेंट्रल जेल में 20 साल की सजा काट यहा था। पुलिस ने उसे प्रोटेक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर 24 सितंबर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया।
जांच अधिकारी रणवीर सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान जेल में बंद आरोपियों ने मुख्य आरोपी का नाम रुग्गा बताया था। उसका असली नाम और पूरा पता किसी को पता नहीं था। जांच के दौरान रग्गा का नाम रघुराज अहिरवार और पता ग्राम रिद्धार, दतिया सामने आया। दतिया पहुंचने पर पता चला कि वह पहले से गुना कोतवाली
आधार अपडेट से मिला किशोरी का सुराग
परिजन की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया था। मार्च 2024 में आधार कार्ड अपडेट कराने के दौरान किशोरी की जानकारी सामने आई। इसके आधार पर पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और उसे झांसी से दस्तयाब किया। पुलिस ने जितेंद्र प्रजापति और अंगूरी बाई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। न्यायालय ने जितेंद्र को 20 वर्ष और अंगूरी बाई को 10 वर्ष की सजा सुनाई।
जेल से मुख्य आरोपी का सुराग मिला
एसपी रोहित केसवानी ने बताया कि मुख्य आरोपी को सिर्फ रग्गा नाम से जानते थे। जेल में पूछताछ से उसका गांव और फिर असली पहचान सामने आई। वह गुना के मामले में ग्वालियर जेल में 20 साल की सजा काट रहा था। प्रोटेक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।

