हरदोई। नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे की ऐतिहासिक सौगात दी, जिससे मेरठ से प्रयागराज तक का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा तेज, सुरक्षित और आसान हो जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने हरदोई की मंच से रिमोट का बटन दबाकर गंगा एक्सप्रेसवे देश को समर्पित किया। इस गंगा एक्सप्रेसवे लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान करीब एक लाख से ज्यादा लोग मौजूद थे।
वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिरमें दर्शन के बाद हरदोई के मल्लावां से इसका लोकार्पण करते हुए पीएम ने इसे विकास और विरासत का संगम बताया। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा समय घटाएगा बल्कि इंडस्ट्री, व्यापार और निवेश को भी नई गति देगा, जिससे उत्तर प्रदेश एक मजबूत आर्थिक केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके साथ ही हजारों करोड़ के निवेश, लॉजिस्टिक हब, और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लंबी अवधि में बड़ा फायदा मिलेगा।
बता दें गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही उत्तर प्रदेश में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का नया अध्याय शुरू हो गया है। करीब 18,000 एकड़ भूमि पर बने इस प्रोजेक्ट के साथ 7,000 एकड़ में इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जो राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार और बिजनेस के अवसर पैदा करेंगे। टोल दरें भी तय कर दी गई हैं, जिससे आम लोगों को बेहतर सड़क सुविधा के साथ सुगम और कुशल यात्रा का अनुभव मिलेगा। पीएम मोदी ने इसे नए भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विजन का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह एक्सप्रेसवे देश की अर्थव्यवस्था को नई गति और मजबूती देगा।
जानकारी के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेसवे के लिए 18 हजार एकड़ जमीन किसानों से ली है. इस पर बनने वाले इंडिस्ट्रिय , लॉजिस्टिक हब हैं. जिसके लिए 7 हजार एकड़ जमीन अलग-अलग जगहों पर ली गई है।
लगभग 36,230 करोड़ की कुल लागत से बने गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय अभी के 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे होने की उम्मीद है। वहीं यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है. इसमें विकास का विजन भी झलकता है और विरासत की झलक भी दिखाई देती है। आधुनिक प्रगति के दौर में मां गंगा के पास से गुजरता एक्सप्रेसवे यूपी के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा।

