तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एक और बड़े हवाई हमले को अंजाम दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस अभियान में मिसाइल लॉन्च साइट, एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड सेंटर, ड्रोन क्षमताओं और सिस्तान-बलूचिस्तान स्थित 388वीं ब्रिगेड की बैरकों सहित कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिका का दावा है कि ग्रेटर तुंब द्वीप पर 90 मिनट तक चले अलग सैन्य अभियान में तटीय रक्षा प्रणाली और क्रूज मिसाइल ठिकानों को भी सफलतापूर्वक नष्ट किया गया।
ईरान का पलटवार, बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट
अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। हमलों के बाद बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी कर दिया गया, जबकि जॉर्डन ने अपनी वायु सुरक्षा प्रणाली के जरिए तीन ईरानी मिसाइलों को मार गिराने की जानकारी दी।
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका पीछे नहीं हटता तो ईरान बड़े सैन्य संघर्ष के लिए तैयार है। वहीं, रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने जरूरत पड़ने पर मध्य-पूर्व से तेल और गैस निर्यात रोकने की चेतावनी भी दी।
ट्रम्प ने रक्षा बजट बढ़ाने का किया ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अगले वित्त वर्ष के लिए रक्षा बजट बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने की घोषणा की है। पेंसिल्वेनिया डिफेंस एंड इनोवेशन समिट में उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले ही सेना पर रिकॉर्ड 1 ट्रिलियन डॉलर का निवेश कर चुका है और अब सैन्य क्षमता को और मजबूत किया जाएगा।
ट्रम्प ने कहा कि सैन्य उपकरणों का निर्माण अमेरिका में ही होगा, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
कुवैत के एयरबेस पर हमले का दावा
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने ‘नस्र-2’ अभियान के आठवें चरण में कुवैत स्थित अली अल सलेम एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस कार्रवाई में अमेरिकी अर्ली वार्निंग रडार और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
IRGC ने आरोप लगाया कि अमेरिका कुवैत की जमीन का उपयोग ईरान पर हमलों के लिए कर रहा है और कुवैत की जनता से अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी का विरोध करने की अपील की।
ट्रम्प का दावा- ईरान ने अमेरिकी नागरिक को रिहा किया
डोनाल्ड ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि ईरान ने दिसंबर 2024 से हिरासत में रखे गए एक अमेरिकी नागरिक को रिहा कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस कदम का स्वागत करते हुए इसे सद्भावना का संकेत बताया, हालांकि रिहा किए गए व्यक्ति की पहचान और रिहाई की शर्तों का खुलासा नहीं किया।
पिछले 24 घंटे की 5 बड़ी घटनाएं
- होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा खतरा: कई शिपिंग कंपनियां अब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने से बच रही हैं और अमेरिकी सुरक्षा लेने में भी हिचकिचा रही हैं।
- 35 से अधिक मौतों का दावा: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हालिया अमेरिकी हवाई हमलों में 35 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
- नेतन्याहू का अमेरिका दौरा: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार अमेरिका जाएंगे।
- ईरानी विदेश मंत्री पहुंचे कतर: विदेश मंत्री अब्बास अराघची दोहा पहुंचे, जहां वे पूर्व अमीर के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
- भारतीय नाविक की मौत की पुष्टि: ओमान तट के पास कारोबारी जहाज पर हुए हमले के बाद लापता भारतीय नाविक की मौत की पुष्टि हो गई है।
मिडिल ईस्ट में लगातार हो रहे सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने पूरे क्षेत्र में तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।

