मुंबई: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार को तीन दिवसीय भारत यात्रा पर मुंबई पहुंचे। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते, आयात शुल्क और रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर बातचीत चल रही है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और नई तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
रुबियो भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह मुंबई में 26 नवंबर 2008 के आतंकी हमलों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देंगे। मुंबई के बाद उनका गुजरात के जामनगर जाने का कार्यक्रम भी है।
व्यापार समझौते पर आगे बढ़ सकती है बातचीत
मार्को रुबियो की भारत यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता माना जा रहा है। भारत और अमेरिका लंबे समय से व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, कुछ वस्तुओं पर आयात शुल्क और व्यापार संबंधी नीतियों को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद भी रहे हैं।
अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों पर लगाए गए शुल्क और भारत की व्यापार नीतियों को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है। ऐसे में रुबियो के इस दौरे से व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने की कोशिशों को गति मिल सकती है।
दोनों देशों के लिए व्यापार और निवेश महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। भारत अमेरिकी बाजार में अपने निर्यात को बढ़ाना चाहता है, जबकि अमेरिका भी भारत के बड़े बाजार में व्यापार और निवेश के अवसरों का विस्तार करना चाहता है।
रूसी तेल की खरीद पर भी होगी चर्चा
भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सुरक्षा भी बातचीत का प्रमुख विषय रहने वाला है। रूस से भारत द्वारा कच्चे तेल की खरीद को लेकर अमेरिका पहले भी सवाल उठा चुका है। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस से तेल खरीदने वाले देशों को लेकर अमेरिकी नीतियों में कई बदलाव देखने को मिले हैं।
भारत का रुख रहा है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर कच्चे तेल की खरीद करता है। ऐसे में रुबियो की यात्रा के दौरान ऊर्जा आपूर्ति, तेल व्यापार और भविष्य के सहयोग पर चर्चा होने की संभावना है।
जयशंकर से मुलाकात में कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दे
विदेश मंत्री जयशंकर और मार्को रुबियो की बैठक में रक्षा सहयोग, व्यापार, निवेश और नई टेक्नोलॉजी पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में तनाव और रूस-यूक्रेन जंग जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बात हो सकती है।
भारत और अमेरिका हिंद-प्रशांत में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग बढ़ा रहे हैं। दोनों देश क्वाड के सदस्य हैं, जिसमें जापान और ऑस्ट्रेलिया भी हैं।
जामनगर में रिलायंस की रिफाइनरी का करेंगे दौरा
मुंबई के बाद मार्को रुबियो गुजरात के जामनगर जाएंगे। वहां वो रिलायंस के बड़े तेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा करेंगे। जामनगर रिफाइनरी भारत के एनर्जी सेक्टर में अहम है। रुबियो का ये दौरा एनर्जी ट्रेड और दोनों देशों के बिजनेस रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
इस दौरान एनर्जी सेक्टर के प्रतिनिधियों और कारोबारी अधिकारियों से मुलाकात भी हो सकती है।
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22 अक्टूबर को समाप्त होगी यात्रा
मार्को रुबियो पहले भी भारत आ चुके हैं। मई में उन्होंने PM मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की थी उनका ये दौरा 22 अक्टूबर को खत्म होगा। इसमें व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर बातचीत होगी।
भारत-अमेरिका के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग है, लेकिन टैरिफ और इमिग्रेशन जैसे मुद्दों पर मतभेद भी हैं। ऐसे में ये दौरा दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने का मौका माना जा रहा है।

