नई दिल्ली: भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की गिनती दुनिया के सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में होती है। उनकी सटीक लाइन-लेंथ, शानदार यॉर्कर और दबाव में विकेट निकालने की क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार यूनिस भी बुमराह की गेंदबाजी से काफी प्रभावित हैं। हालांकि, उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शामिल होने के लिए बुमराह को अभी और प्रदर्शन करना होगा।
सफेद गेंद के क्रिकेट में बुमराह का कोई जवाब नहीं
वकार यूनिस ने बातचीत के दौरान बुमराह की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सफेद गेंद के क्रिकेट यानी वनडे और टी-20 में बुमराह जैसा प्रभाव छोड़ने वाले गेंदबाज बहुत कम हैं।
वकार के मुताबिक, बुमराह को जब भी मुश्किल परिस्थितियों में गेंद सौंपी जाती है, वह टीम की उम्मीदों पर खरे उतरते हैं। उनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह दबाव के समय भी अपना नियंत्रण बनाए रखते हैं और अहम मौकों पर विकेट निकालकर मैच का रुख बदल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट में केवल बड़े स्कोर या व्यक्तिगत उपलब्धियां ही मायने नहीं रखतीं, बल्कि टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। बुमराह कई बार अपनी गेंदबाजी से यह साबित कर चुके हैं।
टेस्ट क्रिकेट में वकार ने क्यों उठाया सवाल?
बुमराह की तारीफ करने के बावजूद वकार यूनिस उन्हें टेस्ट क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शामिल करने को लेकर पूरी तरह सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि बुमराह ने इस प्रारूप में अभी उतना क्रिकेट नहीं खेला है, जितना उनके कुछ अन्य प्रतिस्पर्धियों ने खेला है।
वकार ने ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे गेंदबाजों का उदाहरण दिया। उनके अनुसार, इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि, यह उनकी व्यक्तिगत राय है और इससे बुमराह के टेस्ट रिकॉर्ड की अहमियत कम नहीं होती।
टेस्ट में भी शानदार है बुमराह का रिकॉर्ड
जसप्रीत बुमराह के आंकड़े उनकी काबिलियत की गवाही देते हैं। उन्होंने जनवरी 2018 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वह 52 टेस्ट मैचों में 234 विकेट ले चुके हैं।
बुमराह ने 2024 में आईसीसी पुरुष टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर का पुरस्कार भी जीता था। इसके अलावा, 2024-25 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में उन्होंने पांच टेस्ट मैचों में 32 विकेट हासिल किए थे। इंग्लैंड की धरती पर भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है, जहां उन्होंने 11 टेस्ट मैचों में 51 विकेट लिए।
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चोट और वर्कलोड मैनेजमेंट भी रहा कारण
बुमराह कम टेस्ट क्यों खेले, इसकी सबसे बड़ी वजह है चोट और वर्कलोड मैनेजमेंट है। तेज गेंदबाज के लिए तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलना आसान नहीं है, बॉडी पर बहुत लोड आता है। इसलिए टीम मैनेजमेंट भी चाहता है कि बुमराह फिट रहें और बड़े टूर्नामेंट के लिए बचाकर रखा जाए।

