छतरपुर। जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावित ग्रामीणों और प्रशासन के बीच संघर्ष गहराने लगा है। बिजावर एसडीएम कार्यालय के बाहर कई दिनों से धरना दे रहे ग्रामीणों को प्रशासन ने देर रात पानी की तेज बौछारों का प्रयोग कर तितर-बितर कर दिया। ग्रामीण लंबे समय से अपनी भूमि के उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे, वहीं आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता अमित भटनागर को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने से आंदोलन और उग्र हो गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से उनकी खेती योग्य भूमि प्रभावित हो जाएगी और सरकार द्वारा घोषित मुआवजा वास्तविक कीमत की तुलना में बेहद कम है। आप नेता अमित भटनागर पिछले कई हफ्तों से इन्हीं मुद्दों को लेकर ग्रामीणों के साथ खड़े थे, लेकिन प्रशासन ने उन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद से ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय के सामने डेरा डाल कर विरोध जारी रखा।
स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बल प्रयोग का निर्णय लिया। देर रात पुलिस ने पानी की बौछारों से प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। इस कार्रवाई के दौरान कई महिलाएं भड़क उठीं और उन्होंने पुलिस दल पर पथराव भी किया, जिसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया। हालांकि बाद में स्थिति नियंत्रित कर ली गई।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन उनकी आवाज दबा रहा है, जबकि वे केवल न्यायपूर्ण मुआवजा चाहते हैं। दूसरी ओर प्रशासन का दावा है कि परियोजना राष्ट्रीय महत्व की है और विरोध बढ़ने से विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल, मुआवजे को लेकर गतिरोध टूटने की संभावना कम दिख रही है और संघर्ष आगे भी जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।
पानी की बौछार से प्रदर्शनकारियों को हटाया, केन-बेतवा परियोजना के मुआवजे को लेकर टकराव हुआ तेज


