नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन गुरुवार को एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया। सुबह से हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। इसी बीच पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए भाजपा समर्थित लोग भीड़ में घुसकर पत्थरबाजी कर रहे हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
बुधवार देर रात जंतर-मंतर से करीब एक किलोमीटर दूर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पथराव किया गया, जिसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। इस घटना में 2 एसीपी समेत 5 पुलिसकर्मी घायल हुए। घायलों का इलाज कराया गया और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
दिल्ली में 10 FIR, करीब 70 लोग हिरासत में
सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए हिंसा, पथराव, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी कार्य में बाधा और कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप में कुल 10 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जबकि सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरों और अन्य वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
8 थानों में केस दर्ज
वहीं दिल्ली के साथ-साथ मुंबई में भी CJP के प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। मुंबई पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने और कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करने के आरोप में शहर के 8 अलग-अलग पुलिस थानों में मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में 900 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच जारी है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी में हाई अलर्ट
बता दें इस बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इनमें सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन भी शामिल है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने और सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा। मामले का उल्लेख चीफ जस्टिस के समक्ष किया गया, जिस पर उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर न्यायालय उचित हस्तक्षेप करेगा।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

