नई दिल्ली: देश की नॉन-लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां वाहनों के थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस का प्रीमियम बढ़ाने की मांग कर रही हैं। इसके लिए कंपनियों ने इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) से दरों में संशोधन की मांग की है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो 1 जून 2022 के बाद पहली बार थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी होगी।
क्यों बढ़ाना चाहती हैं बीमा कंपनियां प्रीमियम?
बीमा कंपनियों का कहना है कि, लगातार बढ़ते अंडरराइटिंग लॉस और क्लेम से जुड़ी लागत ने इस कारोबार को घाटे का सौदा बना दिया है। मोटर इंश्योरेंस सेगमेंट का आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का है, लेकिन क्लेम भुगतान की बढ़ती लागत कंपनियों पर भारी पड़ रही है। अंडरराइटिंग लॉस तब होता है, जब बीमा कंपनी को ग्राहकों से मिलने वाले प्रीमियम की तुलना में क्लेम के रूप में अधिक राशि का भुगतान करना पड़ता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्यों बढ़ी चिंता?
रिपोर्ट के मुताबिक, 11 जून 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा तय करते समय गृहिणियों के बिना वेतन वाले घरेलू काम की आर्थिक वैल्यू को भी मान्यता दी है। अदालत ने ‘लॉस ऑफ डोमेस्टिक केयर’ के तहत 30,000 रुपये प्रति माह की आय को आधार मानने का निर्देश दिया है।
यह राशि समय-समय पर महंगाई के अनुसार बढ़ाई भी जाएगी। बीमा कंपनियों का कहना है कि इस फैसले से क्लेम भुगतान का बोझ और बढ़ेगा।
15% तक बढ़ सकता है लॉस रेशियो
प्राथमिक आकलन के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मोटर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का लॉस रेशियो 12% से बढ़कर 15% तक पहुंच सकता है। कंपनियों का कहना है कि, मौजूदा प्रीमियम दरें इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए दरों में संशोधन जरूरी है।
आखिरी बार कब बढ़ा था थर्ड पार्टी इंश्योरेंस?
देश में आखिरी बार 1 जून 2022 को थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी की गई थी। उस समय IRDAI की सिफारिशों के आधार पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने नई दरें लागू की थीं।
इससे पहले कोविड-19 महामारी के दौरान FY2021 और FY2022 में वाहन मालिकों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रीमियम दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी।
वाहन मालिकों पर क्या होगा असर?
यदि IRDAI और केंद्र सरकार बीमा कंपनियों की मांग को मंजूरी देते हैं, तो कार, बाइक और अन्य वाहनों के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का प्रीमियम बढ़ सकता है। इसका सीधा असर नए वाहन खरीदने वालों के साथ-साथ इंश्योरेंस रिन्यू कराने वाले करोड़ों वाहन मालिकों की जेब पर पड़ेगा।

