बालाघाट: जिले में शुक्रवार को बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल का असर देखने को मिला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक से जुड़े संगठनों के आह्वान पर बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहे। जिले की करीब 125 बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होने से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बैंक कर्मचारियों ने स्टेट बैंक के सामने धरना देकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों की मुख्य मांग बैंकिंग सेक्टर में 5-Day Working लागू करने की है।
लगातार तीन दिन बैंकिंग कामकाज पर असर
शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के कारण लगातार तीन दिनों तक सामान्य बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहेगा। ऐसे में शाखा से जुड़े जरूरी काम कराने वाले ग्राहकों को अगले Working Day तक इंतजार करना पड़ सकता है।
हड़ताल में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े सात प्रमुख संगठनों ने हिस्सा लिया। इनमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन और बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया सहित अन्य संगठन शामिल रहे।
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मांग नहीं मानी तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव लीलाधर सुलाखे ने बताया कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर पहले भी कई दौर में चर्चा और समझौते हो चुके हैं, लेकिन अब तक अंतिम फैसला नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
Work-Life Balance का उठाया मुद्दा
बैंक संगठनों का कहना है कि मौजूदा समय में बैंकिंग का काम काफी तनावपूर्ण हो गया है। कर्मचारियों के बेहतर Work-Life Balance के लिए सभी शनिवार को छुट्टी देकर सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। इसके साथ ही संगठनों ने अन्य लंबित मांगों का भी जल्द समाधान करने की मांग की है।


