कटनी: मध्यप्रदेश के सिंचाई इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। कटनी जिले में निर्मित देश की सबसे लंबी जल सुरंग ‘स्लीमनाबाद टनल’अब विंध्य क्षेत्र के लिए विकास, जल सुरक्षा और किसान समृद्धि की नई पहचान बनने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस ऐतिहासिक परियोजना का निरीक्षण कर इसे प्रदेश के लिए मील का पत्थर बताया।
करीब 12 किलोमीटर लंबी और ₹1,600 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक जल सुरंग बिना किसी पंपिंग व्यवस्था के मां नर्मदा का जल सोन बेसिन तक पहुंचाएगी। इस अनूठी इंजीनियरिंग परियोजना से लगभग 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी, जबकि कटनी, जबलपुर, मैहर, सतना, पन्ना और रीवा सहित पूरे विंध्य अंचल की जल व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ,लगातार 17 वर्षों के अथक प्रयासों के बाद वर्ष 2026 में स्लीमनाबाद टनल का सपना साकार हुआ है। अनेक तकनीकी और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद इंजीनियरों, विशेषज्ञों और सिंचाई विभाग की टीम ने असंभव लगने वाले कार्य को संभव कर दिखाया।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक सुरंग नहीं, बल्कि विज्ञान, आधुनिक इंजीनियरिंग और दूरदर्शी जल प्रबंधन का अद्भुत संगम है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में विंध्य क्षेत्र की कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जो असंभव था, हमने उसे संभव कर दिखाया।’ उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए ₹275 करोड़ की सहायता प्रदान की, जबकि शेष राशि मध्यप्रदेश सरकार ने वहन की। उन्होंने इसे डबल इंजन सरकार की विकास के प्रति प्रतिबद्धता और समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्लीमनाबाद टनल के माध्यम से सिंचाई के साथ-साथ पेयजल उपलब्धता भी बेहतर होगी, जिससे लाखों नागरिकों और किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे ‘किसान कल्याण वर्ष’ की सबसे बड़ी सौगातों में से एक बताते हुए कहा कि आगामी तीन महीनों में दो प्रमुख नहरों के शुरू होने से लगभग 1 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी।
मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों, इंजीनियरों और सिंचाई विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उनका समर्पण, तकनीकी दक्षता और कठिन परिस्थितियों में किया गया कार्य प्रदेश के विकास का मजबूत आधार बना है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्लीमनाबाद टनल आने वाले दशकों तक विंध्य क्षेत्र के किसानों के जीवन में समृद्धि की नई धारा प्रवाहित करेगी और मध्यप्रदेश को जल प्रबंधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।

