बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में 63 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी और धमकी का मामला सामने आया है। कोतवाली थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निवेश पर अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर उससे लाखों रुपये लिए गए, लेकिन बाद में रकम वापस नहीं की गई।
निवेश के नाम पर लिया भरोसा
जानकारी के मुताबिक, गर्रा निवासी जितेंद्र उर्फ मोनू भगत ने बताया कि दिलीप भैरम और वैभव बिसेन ने उसे ज्यादा लाभ दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि इसी भरोसे में उसने अलग-अलग समय पर आरोपियों को बड़ी रकम दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, कुल 63 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए। इनमें लगभग 60 लाख रुपये बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर किए गए, जबकि 3 लाख रुपये नकद दिए गए थे।
दो आरोपी नामजद
पुलिस द्वारा दर्ज FIR में दो आरोपियों को नामजद किया गया है, जिसमें
- दिलीप भैरम, निवासी वार्ड नंबर 02 गढ़ीटोला, ग्राम गर्रा, थाना बालाघाट
2. वैभव बिसेन, निवासी वार्ड नंबर 12 अवंती बाई, ग्राम गर्रा, लालबर्रा, थाना कोतवाली बालाघाट

पैसे मांगने पर धमकी का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी वैभव बिसेन ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और बैंक स्टेटमेंट, व्हाट्सएप चैट व अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की। गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए।
जांच के बाद दर्ज हुआ मामला
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मामले की जांच महिला थाना अपराध क्रमांक शून्य/26 के आधार पर की गई थी। जांच में आरोपों के प्रमाण मिलने के बाद पुलिस ने विधिवत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले की जांच उपनिरीक्षक दीपक शर्मा को सौंपी गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला थाना कोतवाली बालाघाट में दर्ज किया गया है। FIR क्रमांक 0343/2026 दिनांक 27 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 351(3) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले में दस्तावेजों और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। साथ ही आरोपियों की भूमिका और अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल इस हाईप्रोफाइल ठगी मामले के सामने आने के बाद जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

