भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में दूषित पेयजल और जल संकट को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शहर का लगभग 90 प्रतिशत पानी पीने योग्य नहीं रह गया है और सरकार जनता को ‘जहरीला पानी’ पिलाने का काम कर रही है। पटवारी ने इसे भाजपा की ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ की सबसे बड़ी विफलता बताया।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इंदौर की सात विधानसभा क्षेत्रों से 240 पानी के सैंपल लेकर देश की प्रतिष्ठित लैब में परीक्षण कराया। जांच में कई इलाकों में नर्मदा का पानी दूषित और सीवरेज मिश्रित पाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम और सरकार ने समय रहते पानी की गुणवत्ता की निगरानी नहीं की, जिसके कारण लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
पटवारी ने भगीरथपुरा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि दूषित पानी के कारण 36 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के जीवन के साथ “अपराध” बताया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार विज्ञापनों और इवेंट मैनेजमेंट के जरिए इंदौर को ‘वाटर प्लस सिटी’ बताती रही, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है।
उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार इंदौर का स्वतंत्र वाटर ऑडिट कराए। कांग्रेस द्वारा तैयार रिपोर्ट मुख्यमंत्री , नगरीय प्रशासन मंत्री और जल संसाधन मंत्री को सौंपी जाएगी। पटवारी ने नगर निगम में भ्रष्टाचार, गिरते भूजल स्तर, सूखते तालाबों और सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हो रही तोड़फोड़ को लेकर भी भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

