भोपाल: राजधानी भोपाल में कई दिनों से चल रहा किसानों का आंदोलन गुरुवार को समाप्त हो गया। सरकार के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद किसान अपनी मांगों पर सहमति बनने के पश्चात अपने-अपने जिलों के लिए रवाना हो गए। करीब चार घंटे तक चली किसान प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के मंत्रियों की बैठक में किसानों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
मूंग खरीदी की सीमा 25% से बढ़ाकर 60%
बैठक के बाद सरकार ने सबसे बड़ा फैसला लेते हुए पात्र किसानों से मूंग उपज की खरीदी की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की घोषणा की। सरकार के अनुसार, केंद्र ने खरीफ विपणन वर्ष के लिए मध्य प्रदेश में 4.52 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी की अनुमति दी है। पीएम-आशा योजना के तहत पहले कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत ही खरीदा जा सकता था, लेकिन अब राज्य सरकार ने किसानों को राहत देते हुए इसे 60 प्रतिशत तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
ये भी पढ़े
Mahakal Mandir Prasad Menu: अब महाकाल के दरबार में मिलेगा भारत के स्वादों का संगम
सरकार का कहना है कि नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में यह सीमा औसतन करीब 3 क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर होगी। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
स्लॉट बुकिंग और खरीदी की तारीख बढ़ी
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी है। अब किसान 10 अगस्त तक स्लॉट बुक कर सकेंगे, जबकि पहले इसकी अंतिम तिथि 30 जुलाई निर्धारित थी। इसके साथ ही मूंग उपार्जन की अंतिम तारीख भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेच सकें।
ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित
बैठक में किसानों ने खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को लेकर भी अपनी समस्याएं रखीं। सरकार ने माना कि इस व्यवस्था को लेकर किसानों को कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसे भविष्य के लिए एक सुधारात्मक कदम बताते हुए फिलहाल ई-टोकन के माध्यम से खाद वितरण की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई है।
आंदोलन समाप्त किसान लौटे घर
सरकार की घोषणाओं और मांगों पर सहमति बनने के बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी किसान भोपाल से अपने-अपने जिलों के लिए रवाना हो गए। सरकार का कहना है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे भी आवश्यक निर्णय लिए जाते रहेंगे।

