भोपाल: मध्यप्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को खेल, परिवहन, बिजली और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी। सरकार ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों में आधुनिक मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने का निर्णय लिया है। योजना के लिए करीब 940 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। खास बात यह है कि इन परिसरों के खेल मैदान के बीच हेलीपैड भी बनाया जाएगा, जिसका इस्तेमाल आपात स्थिति में हवाई एंबुलेंस के लिए किया जा सकेगा।
कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक के बाद फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में करीब 10 एकड़ जमीन उपलब्ध होगी, वहां लगभग सात करोड़ रुपये की लागत से इंडोर और आउटडोर खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए कोच समेत अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है।
230 विधानसभा क्षेत्रों में खेल सुविधाएं
सरकार के मुताबिक करीब 140 विधानसभा क्षेत्रों में फिलहाल इस स्तर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स उपलब्ध नहीं हैं। इन क्षेत्रों में नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जबकि बाकी करीब 90 क्षेत्रों में मौजूदा खेल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
मैदान में हेलीपैड, आपात सेवा में उपयोग
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हेलीपैड की सुविधा भी रखी जाएगी। सरकार के अनुसार इसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस के लिए किया जा सकेगा। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में आपात स्थिति के दौरान मरीजों को हवाई मार्ग से अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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25 सितंबर से सुगम परिवहन सेवा
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने का भी फैसला किया है। इसकी शुरुआत 25 सितंबर को भोपाल से होगी और पहले चरण में 350 बसों को शामिल किया जाएगा। मार्च तक एक हजार बसें चलाने का लक्ष्य है। वर्ष 2030-31 तक करीब 15 हजार बसें संचालित करने की योजना है।
सरकार बसें खरीदने के बजाय निजी ऑपरेटरों के सहयोग से सेवा संचालित करेगी और इसकी निगरानी करेगी। बसों में जीपीएस, सीसीटीवी और ऑनलाइन निगरानी की सुविधा होगी। इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। गांवों और शहरों को रेलवे स्टेशनों से जोड़ने के साथ सार्वजनिक परिवहन बेहतर करने की योजना है।
औद्योगिक क्षेत्रों से रोजगार पर जोर
इंदौर-भोपाल और भोपाल-जबलपुर के बीच ग्रीनफील्ड हाईवे के साथ इंदौर-जबलपुर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना भी बताई गई। इसके तहत चार बड़े औद्योगिक क्षेत्र और स्किल सिटी विकसित करने का प्रस्ताव है। सरकार के अनुसार इससे करीब दो लाख रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
2037 तक बिजली जरूरत के लिए 2800 मेगावाट
बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए कैबिनेट ने 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने का फैसला किया है। सरकार के अनुसार इससे वर्ष 2037 तक अनुमानित बिजली जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी।

