तेहरान/वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ईरान की नई Qassem Basir मिसाइल चर्चा में है। करीब 1200 किलोमीटर रेंज वाली इस मिसाइल को समुद्र में मौजूद जहाजों के लिए बड़ा खतरा बताया जा रहा है।
ईरान का दावा है कि इस क्षमता का इस्तेमाल अमेरिकी युद्धपोत के खिलाफ किया गया, हालांकि हालिया हमलों में Qassem Basir के ही इस्तेमाल की पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी सेना ने इतना जरूर कहा है कि उसके युद्धपोतों को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश हुई थी।
अमेरिकी जहाजों पर दागी गई थीं मिसाइलें
U.S. Central Command (CENTCOM) के मुताबिक सितंबर की शुरुआत में IRGC ने दो दिन के दौरान अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की थी।
अमेरिकी पक्ष का कहना है कि युद्धपोत हमलों से बच गया और किसी अमेरिकी जवान को नुकसान नहीं पहुंचा। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े पांच crude oil carriers पर कार्रवाई की थी।
Qassem Basir की रेंज करीब 1200 KM
Qassem Basir ईरान की solid-fuel बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी रेंज कम से कम 1200 किलोमीटर बताई जाती है और यह करीब आधा टन का warhead ले जा सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें maneuverable re-entry vehicle और electro-optical seeker जैसी तकनीक है, जिससे चलते हुए समुद्री लक्ष्य को निशाना बनाने की क्षमता बेहतर होती है। हालांकि हालिया हमलों में इसके इस्तेमाल की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्या सच में पीछे हट गए अमेरिकी युद्धपोत?
सोशल मीडिया और कुछ ईरानी स्रोतों में दावा किया जा रहा है कि मिसाइल खतरे के बाद अमेरिकी नौसेना ने अपने युद्धपोत ईरानी तट से दूर कर दिए, लेकिन उपलब्ध जानकारी इसकी पूरी पुष्टि नहीं करती।
14 सितंबर की USNI News Fleet Tracker रिपोर्ट के मुताबिक USS George Washington और USS George H.W. Bush दोनों एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप Arabian Sea में सक्रिय थे, जिससे पूरे क्षेत्र से युद्धपोत हटाने का दावा साबित नहीं होता।
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ईरान ने बताया अपनी ताकत का सबूत
ईरानी अधिकारियों ने Qassem Basir मिसाइल को अपनी बढ़ती मिसाइल क्षमता के उदाहरण के तौर पर पेश किया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से जुड़े मोहसेन रेजाई ने दावा किया कि नई मिसाइल क्षमता का परीक्षण एक अमेरिकी युद्धपोत के खिलाफ किया गया।
अमेरिकी अधिकारियों ने मिसाइल हमले की घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि उनके जहाज उससे बच गए थे। इस्तेमाल किया गया हथियार Qassem Basir था या कोई दूसरा, इसे लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच समुद्री मोर्चे पर तनाव बना हुआ है। Strait of Hormuz और आसपास का समुद्री क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद अहम है, इसलिए दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों पर दुनिया की नजर है।

