नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड की योजना
भोपाल। मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी का दायरा तेजी से बढ़ाने की तैयारी है। मोहन सरकार की नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट, 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और 45 किलोमीटर पर हेलीपैड विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके अलावा सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड बनाने की योजना है। सरकार का लक्ष्य दूरदराज के क्षेत्रों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ना है।
प्रदेश में फिलहाल 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक एयरस्ट्रिप और करीब 220 हेलीपैड हैं। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो प्रमुख एयरपोर्ट रहे हैं। इसके बाद रीवा, दतिया और सतना को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ा गया। उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट का काम चल रहा है। दोनों के पूरा होने के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या 10 हो जाएगी।
पांच नए एयरपोर्ट की मंजूरी प्रक्रियाधीन
सरकार के मुताबिक पांच नए एयरपोर्ट के विकास की स्वीकृति केंद्र स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा उड़ान योजना के तहत सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल की 10 एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है।
सिंहस्थ से पहले उज्जैन एयरपोर्ट पर जोर
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन के दताना-मताना एयरपोर्ट के विकास पर विशेष जोर है। आरसीएस उड़ान 5.2 के तहत शुरुआती चरण में 1800 मीटर लंबा रनवे बनाया जा रहा है। भविष्य में इसकी लंबाई 2700 मीटर तक बढ़ाने की योजना है। इससे सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हवाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इंदौर से अबूधाबी सीधी उड़ान
मध्यप्रदेश का अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क भी मजबूत हो रहा है। इंदौर से दुबई के बाद अबूधाबी के लिए भी सीधी उड़ान शुरू हुई है। सरकार के अनुसार इंदौर-अबूधाबी उड़ान प्रदेश की नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत वित्त पोषित पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान है। करीब 3 घंटे 15 मिनट की उड़ान से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
एयर एंबुलेंस और हेली पर्यटन का विस्तार
प्रदेश में 29 मई 2024 से पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा संचालित है। सरकार के अनुसार अब तक 186 मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को इसका लाभ मिला है। वहीं पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के जरिए धार्मिक, विरासत और वन्यजीव पर्यटन स्थलों को जोड़ा जा रहा है। अब तक 5200 से अधिक यात्री हेली सेवा का इस्तेमाल कर चुके हैं और 680 से ज्यादा जॉय राइड संचालित हुई हैं।
सरकार को नया शासकीय विमान भी मिलने जा रहा है। दावा है कि इससे चार्टर्ड विमान पर होने वाला खर्च मौजूदा खर्च के करीब एक-तिहाई तक रह जाएगा। इस तरह एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड के विस्तार के जरिए प्रदेश के परिवहन, पर्यटन, स्वास्थ्य और निवेश ढांचे को मजबूत करने की तैयारी है।

