बेगमगंज: आजकल ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में बच्चों को, खासकर बेटियों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। इसी को लेकर बेगमगंज में एक खास कार्यक्रम रखा गया।
मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर और रायसेन के प्रधान जिला न्यायाधीश राकेश मोहन प्रधान के मार्गदर्शन में तहसील विधिक सेवा समिति बेगमगंज ने सुरक्षित बचपन अभियान के तहत यह शिविर लगाया। 3 नवंबर को पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं को कानून और साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती अन्ना ग्लोरी माहेश्वरी मौजूद रहीं। उन्होंने छात्राओं को बड़े ही सरल शब्दों में समझाया कि इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनजान लोगों से दोस्ती, अपनी फोटो या निजी जानकारी शेयर करना कितना खतरनाक हो सकता है।
यह भी पढ़ें: दिल्ली में खुले में पेशाब और गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती, एमसीडी ने की बड़ी कार्रवाई
‘सुरक्षित क्लिक – सुरक्षित बचपन’ विषय पर उन्होंने ऑनलाइन ग्रूमिंग, सेक्सटॉर्शन, साइबर उत्पीड़न और गलत फोटो शेयरिंग जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि अगर कभी भी ऐसा कुछ हो तो घबराना नहीं है, तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करें या 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
वहीं पैनल अधिवक्ता प्रभु दयाल नेमा ने भी सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम चलाते समय सावधानी बरतें। कार्यक्रम में स्कूल के प्राचार्य और सभी टीचर्स भी मौजूद रहे।

