नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने, खुले में पेशाब करने और नगर निगम के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सख्ती दिखाई है।
निगम के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मई के अंत से 28 अक्टूबर 2026 तक कुल 27,915 चालान जारी किए गए हैं, जिन पर 2.31 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें से करीब 7,000 चालान सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने, कचरा फेंकने, दीवारों पर पोस्टर चिपकाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे मामलों में काटे गए हैं। निगम का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना और लोगों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
अब तक 99 लाख रुपये से ज्यादा की वसूली
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 27,915 चालानों में से 16,281 का भुगतान हो चुका है, जिससे करीब 99.15 लाख रुपये की वसूली हुई है। वहीं 11,634 चालान अभी भी लंबित हैं, जिन पर लगभग 1.32 करोड़ रुपये का जुर्माना बाकी है।
अधिकारियों का कहना है कि केवल चालान काटना ही काफी नहीं है। लोगों की आदतों में बदलाव लाने के लिए नियमों का लगातार पालन करवाना और बार-बार उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करना भी जरूरी है।
खुले में पेशाब करने पर जुर्माना 50 से बढ़ाकर 500 रुपये
जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम 2026 लागू होने के बाद दिल्ली नगर निगम ने कई नियमों में बदलाव किया है। गृह मंत्रालय ने इस अधिनियम को 15 मई 2026 को अधिसूचित किया था, जिसके तहत कुछ उल्लंघनों पर आपराधिक कार्रवाई की जगह आर्थिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
नए नियमों के तहत सार्वजनिक स्थान पर पेशाब करने पर जुर्माना 50 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है, जबकि बिना पट्टे के आवारा कुत्ते को सार्वजनिक जगह पर छोड़ने पर जुर्माना 50 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये किया गया है।
किस तरह की गंदगी पर कितने चालान?
एमसीडी के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त से अक्टूबर के बीच सार्वजनिक स्वच्छता से जुड़े अलग-अलग मामलों में बड़ी संख्या में चालान जारी किए गए।
- सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी और अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों के लिए 3,633 चालान जारी किए गए।
- 24 घंटे से ज्यादा समय तक कचरा या गंदगी छोड़ने पर 3,180 चालान काटे गए।
- सड़कों पर गंदा पानी बहने देने के मामलों में 2,764 चालान जारी किए गए।
इन मामलों में भी निगम ने जुर्माना लगाया है और कई चालानों का भुगतान किया जा चुका है।
एमसीडी के किस विभाग ने काटे सबसे ज्यादा चालान?
पर्यावरण प्रबंधन सेवा विभाग (DEMS) ने सबसे ज्यादा 15,961 चालान जारी किए, जिनमें से 10,773 का भुगतान हो चुका है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने 3,904 और मलेरिया विभाग ने 5,599 चालान काटे। जोनवार सबसे ज्यादा 6,066 चालान सिटी-एसपी जोन में दर्ज हुए।
डिजिटल सिस्टम से भी रखी जा रही नजर
एमसीडी ने निगरानी और शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई के लिए डिजिटल चालान सिस्टम शुरू किया है, जिसे एमसीडी 311 ऐप से जोड़ा गया है। इसके जरिए नागरिक सार्वजनिक जगहों पर गंदगी और नियमों के उल्लंघन की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डिजिटल व्यवस्था से रिकॉर्ड रखने और फॉलोअप में भी आसानी हो रही है।
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इंदौर मॉडल का भी दिया गया उदाहरण
इंदौर का उदाहरण देते हुए एमसीडी के एक अधिकारी ने कहा कि वहां नियम मानने वालों को प्रोत्साहित और तोड़ने वालों पर सख्ती की जाती है, दिल्ली में भी इसी मॉडल की जरूरत है। निगम का मानना है कि सिर्फ जुर्माना बढ़ाने से सफाई नहीं होगी, नागरिकों की भागीदारी जरूरी है।

