असम: गुवाहाटी में होटल के अंदर पांच लोगों की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी घनकांत गोगोई की पुलिस फायरिंग में मौत हो गई। बुधवार, 4 नवंबर को शिवसागर जिले के फूलपानिचिगा इलाके में यह घटना हुई। पुलिस के मुताबिक, गोगोई को एक पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में पूछताछ के लिए गुवाहाटी सेंट्रल जेल से शिवसागर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने पुलिस अधिकारी की सर्विस पिस्टल छीनने की कोशिश की।
पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया के अनुसार, रास्ते में गोगोई ने वाहन रुकवाने को कहा और नीचे उतरने के बाद सब-इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा की पिस्टल छीनने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और आरोपी के बीच झड़प हुई और गोलियां चल गईं। पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी में सब-इंस्पेक्टर शर्मा के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोगोई गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
26 अक्टूबर को होटल में हुई थी पांच लोगों की हत्या
घनकांत गोगोई पर 26 अक्टूबर को गुवाहाटी के बोरा सर्विस इलाके स्थित होटल विलास इन में पांच लोगों की हत्या करने का आरोप था। पुलिस के अनुसार, होटल के मालिकों और गोगोई के बीच संपत्ति और होटल में कराए गए काम को लेकर विवाद चल रहा था।
बताया गया कि गोगोई ने भराली परिवार से 10 सितंबर 2025 को पांच साल के लिए होटल लीज पर लिया था। इसके लिए करीब 1.8 लाख रुपये प्रतिमाह किराया तय हुआ था। बाद में होटल में कराए गए काम और अन्य मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।
26 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे विवाद सुलझाने के लिए बैठक रखी गई थी। पुलिस के मुताबिक, बैठक शुरू होने से पहले ही बहस और हाथापाई शुरू हो गई। इसी दौरान गोगोई ने कथित तौर पर छह लोगों पर गोलियां चला दीं। इस घटना में भूदेव भराली, हेलेना भराली, देबर्षि कश्यप, रिनिका कश्यप और नारायण दास की मौत हो गई, जबकि परिवार का ड्राइवर सत्येंद्र पाठक घायल हो गया।
बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में भी था आरोपी
होटल हत्याकांड के बाद पुलिस ने घनकांत गोगोई को गिरफ्तार कर लिया था। 2 नवंबर को पुलिस उसे घटनास्थल पर भी लेकर गई थी, जहां वारदात का क्रम समझने की कोशिश की गई। इसके बाद 3 नवंबर को अदालत ने पुलिस की सात दिन की अतिरिक्त हिरासत की मांग खारिज करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
इसी बीच शिवसागर पुलिस ने उसे साल 2024 में दर्ज बैंक धोखाधड़ी के मामले में अपनी हिरासत में लिया था। यह मामला पंजाब नेशनल बैंक की शिवसागर शाखा से जुड़ा था। तत्कालीन बैंक मैनेजर देबब्रत बरगोहाईं ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गोगोई ने कार लोन लिया था, लेकिन उसकी किस्तें जमा नहीं कीं। आरोप यह भी था कि उसने बैंक मैनेजर को धमकी दी थी।
यह भी पढ़ें: रणबीर की ‘रामायण’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में सितारों का जमावड़ा, आलिया पहुंचीं सपोर्ट करने
फॉरेंसिक टीम ने शुरू की जांच
पुलिस फायरिंग की घटना के बाद मौके पर फॉरेंसिक टीम पहुंची और जांच शुरू की गई। पुलिस के अनुसार, गोलीबारी के दौरान दो गोलियां पुलिस वाहन में भी लगी थीं। घायल सब-इंस्पेक्टर की हालत स्थिर बताई गई है।
घनकांत गोगोई की मौत के बाद अब पुलिस फायरिंग की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों के बयान और घटनास्थल से जुटाए गए सबूत जांच का हिस्सा होंगे।

