अमेरिकी सेना भारत भेजकर मोहन भागवत को गिरफ्तार करने की डोनाल्ड ट्रंप से किशोर समरीते ने रखी मांग

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-भारत में 40 करोड़ अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं, आरएसएस और 25 बाबा भारत में कराना चाहते है गृह युद्धः किशोर समरीते
-संयुक्त राष्ट्र क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष किशोर समरीते ने अमेरिकी राष्ट्रपति को लिखा पत्र
लांजी। संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लांजी-किरनापुर क्षेत्र के पूर्व विधायक किशोर समरीते ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को पत्र लिखकर ईराक एवं अफगानिस्तान की तर्ज पर भारत में सेना भेजने तथा आरएसएस के नागपुर मुख्यालय को ध्वस्त करने तथा भारत में धर्म के नाम पर बांटने वाले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सहित बाबा बागेश्वर धीरेन्द्र शास्त्री, अनिरूद्धाचार्य, देवकीनंदन ठाकुर, नरसिंहानंद, रामभद्राचार्य को अंतर्राष्ट्रीय कानून में गिरफ्तार करवाने की मांग की है।
जैसा पूर्व विधायक श्री समरीते ने कहा की वर्तमान भारत का 1947 से सेक्यूलर स्वरूप था। इस समय हिंदू प्रथम तथा अघोषित हिन्दू राष्ट्र हो गया है। भारत में 40 करोड़ इसाई एवं मुसलमान दूसरे दर्जे के नागरिक हो गये तथा भारत में इसाई, मुस्लिम, बौद्ध तथा सभी धर्म जिनके अनुयायी कम हैं, जिन्हें अपने धर्म को एवं त्यौहारों को मानने में मनाही है। भारत में 2025 में किसमस जहां प्रधानमंत्री केरल में इसाई समुदाय के बीच किसमस मनाने गये, वहीं आरएसएस एवं हिन्दू धर्मावलंबियों ने रायपुर सहित कई स्थानों में तोड़-फोड़ की। पूरी दुनिया में इस मामले में भारत की अंतर्राष्ट्रीय छबि आहत हुई है। भारत की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक स्थिति रूपये के गिरने से कमजोर है। वहीं भारत में धर्म की राजनीति से भारत में गृह युद्ध जैसे हालात हैं।
समरीते ने लगाए आरएसएस पर संगीन आरोप
भारत में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विजय चौथाईवाला के माध्यम से अमेरिका सहित पूरी दुनिया से चंदा वसूल रहा है। वहीं भारत में उसी चंदे से दंगा करने वाले नवजवानों की फौज तैयार कर रहा है। साथ ही दिल्ली में आरएसएस द्वारा एक हजार करोड़ का दिल्ली में मुख्यालय तथा नागपूर में अपना मुख्यालय बनाकर दूसरे धर्म के लोगों को आतंकित किया जा रहा है। भारत में इस कार्य को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कार्य रूप में परिणित कर रहे हैं। वहीं धार्मिक भाषण देने वाले 20 से 25 बाबा जो समाज को बांटने का काम कर रहे हैं जिनमें धीरेन्द्र शास्त्री, अनिरूद्धाचार्य, देवकीनंदन ठाकुर, नरसिंहानंद, रामभद्राचार्य जैसे बाबा हिंदू राष्ट्र का नारा देकर देश को गृह युद्ध के हालात में ढकेल रहे हैं।
अराजकता को मिल रहा बढ़ावा
भारत में आरएसएस ने प्रधानमंत्री कार्यालय सहित पूरी सरकार पर कब्जा कर लिया है। आरएसएस के दबाव में भारत चीन की विस्तारवादी नीतियों के सामने मौन है। चीन ने भारत का बहुत हिस्सा अपने कब्जे में ले लिया है। भारत में मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री कार्यालय मौन है। भारत की न्यायपालिका पर भी आरएसएस ने कब्जा जमा लिया है। माबलिचिंग एवं बुलडोजर से मुसलमानों एवं दूसरे धर्म के लोगों के घर तोड़े जा रहे हैं। संविधान को किनारे रखकर सरकार चलायी जा रही है। देश में बेरोजगारी चरम पर है। रोजगार कार्यालयों से नौरियां नहीं निकल रही है। भारत में प्रधानमंत्री स्वयं इन संगठनों की कठपुतली बन गया है। ऐसी परिस्थिति में भारत को संयुक्त राष्ट्र संघ एवं अमेरिका जैसा देश ही बचा सकता है।
समरीते की डोनाल्ड ट्रंप से गुहार
भारत का यह अंदरूनी मामला है जिसमें बाहरी देश हस्तक्षेप नहीं कर सकते किंतु भारत में हालात काफी खराब हो चुके हैं। मिडिया सेंसरशिप एवं अघोषित आपतकाल भारत में लागू हो चुका है। भारत पुनः ईस्ट इंडिया कम्पनी के बाद आरएसएस का गुलाम हो चुका है। भारत में आरएसएस पर 4 बार बेन लग चुका है। इसे अंतर्राष्ट्रीय आतंकी संगठन भी घोषित किया जा चुका है। भारत में आरएसएस एवं इसके पोषित 200 संगठन भारत से दूसरे धर्म के लोगों को भारत छोड़कर जाने मजबूर कर रहे हैं। दूसरी ओर भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय भारत को गृह युद्ध में झोंकने वाले बाबाओं की मदद कर रहा है। बिहार राज्य सरकार इन बाबाओं को गार्ड आफ आनर दे रही है। छत्तीसगढ़ सरकार इन बाबाओं को अपना प्लेन एवं हेलीकाफ्टर दे रही है। भारत में आरएसएस के लोग दूसरे धर्म के लोगों को मारने घर-घर हथियार बांट रहे हैं। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री खुलकर धर्म की राजनीति कर रहे हैं।
अमेरिका से देश में दखल देने की अपील
ऐसी परिस्थिति में भारत की 140 करोड़ जनता की ओर से अपेक्षा है कि भारत में अमेरिका अपनी फौज भेजकर आरएसएस के दिल्ली स्थित एवं नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालयों पर हमला करे तथा आरएसएस के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय चौथाईवाला, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सहित भारत को गृह युद्ध में ढकेलने वाले धीरेन्द्र शास्त्री, रामभद्राचार्य, देवकीनंदन ठाकुर, अनिरूद्धाचार्य सहित 25 से अधिक धार्मिक बाबाओं को जो धार्मिक उन्माद फैला रहे हैं, इन्हें गिरफ्तार करके तथा आरएसएस की अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित करने का कष्ट करें। साथ ही भारत में इसाई एवं मुस्लिम संगठनों से लडऩे आरएसएस द्वारा देश में हथियार बांटने की भी अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अपराध दर्ज करवाकर इंटरपोल एवं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् से जांच करवाने का कष्ट करें। साथ ही भारत में सैन्य सहायता अतिशीघ्र भेजने का कष्ट करें तथा नाइजीरिया के विरूद्ध अभी हाल में जिस तरह की कार्यवाही की गई, वही कार्यवाही भारत में आरएसएस के खिलाफ की जावे।