महाराष्ट्र। गोंदिया जिले के आमगांव में इन दिनों बागेश्वर महाराज श्रीराम कथा कर रहें है। कथा के द्वितीय दिवस उन्होंने समाज को जगझोर देने वाले विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। बागेश्वर महाराज ने बांग्लादेश में हाल ही में घटित एक हृदयविदारक घटना का उल्लेख किया।
कथाओं से बनेगें अस्पताल
श्रीराम कथा में बागेश्वर महाराज ने कहा कि- मुझे सेवावाला बाबा बनना है। कथाओं से अस्पताल बनें, ताकि आस्था के नाम पर धर्मांतरण न हो। जिससे किसी भी गरीब को इलाज के नाम पर धर्मांतरण के लिए मजबूर न किया जाए, हम तुम्हारे लिए किडनी तक बेच देंगे, लेकिन तुम धर्मांतरण मत करो। महाराज ने कहा कि- इस देश में एक-एक हजार करोड़ के मंदिर पहले से मौजूद हैं, लेकिन क्या केवल मंदिरों से हिंदुओं का धर्मांतरण रुक पा रहा है? हिंदुओं के चढ़ावे से केवल मंदिर बड़े हो रहे हैं।
वहीं बांग्लादेश की एक घटना को लेकर उन्होंने कहा कि- वहाँ एक हिंदू विधवा महिला के साथ 12 लोगों ने दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी। इसी प्रकार कुछ समय पूर्व एक 8 वर्ष की बच्ची के साथ 20 लोगों द्वारा किए गए अमानवीय अपराध का जिक्र करते हुए महाराज ने कहा कि- उस बच्ची की माँ गिड़गिड़ाकर कह रही थी, जो गंदा काम करना है मेरे साथ कर लो, मेरी बच्ची को छोड़ दो।
महाराज ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि यह सब हिंदू-मुस्लिम का विषय नहीं है, लेकिन हमें इस देश के आने वाले बच्चों, उनकी जमीनों, मकानों और पीढ़ियों की चिंता है..इसी चिंता के कारण हम पैदल पदयात्रा करते हैं, तीन-तीन रात कथाएँ करते हैं और सोते नहीं
अंत में बाबा बागेश्वर ने भारत सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि- मंदिरों को सरकारी अधीनता से मुक्त किया जाना चाहिए और मंदिरों में आने वाले चढ़ावे का उपयोग गरीब हिंदू बेटियों के घर बसाने और सेवा कार्यों में किया जाना चाहिए।


