नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर साइबर पुलिस ने ऑनलाइन लोन ऐप ‘मस्त मनी’ के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में भोपाल निवासी ऐप डेवलपर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में करीब 2 लाख लोगों से 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की आशंका जताई गई है।
एक आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह चार लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा था। आरोपियों ने एक मोबाइल ऐप विकसित कर लोगों को कम ब्याज पर तुरंत लोन देने का झांसा दिया। जैसे ही कोई व्यक्ति ऐप डाउनलोड कर आवश्यक अनुमति देता था, उसके मोबाइल का डेटा, संपर्क सूची और फोटो आरोपियों के पास पहुंच जाते थे।
बता दें जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़ितों को पूरी लोन राशि नहीं दी जाती थी। विभिन्न शुल्क के नाम पर पहले ही बड़ी रकम काट ली जाती थी। इसके बाद भुगतान में देरी होने पर निजी तस्वीरों को (मॉर्फ) परिवर्तित कर ब्लैकमेल किया जाता था और कई गुना रकम वसूली जाती थी।
इस मामले पर पुलिस ने मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर डेवलपर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने BSC और MCA की पढ़ाई की है और उसी ने ‘मस्त मनी’ ऐप विकसित किया था। वहीं आरोपी के पास से मोबाइल, सिम कार्ड और लैपटॉप भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश कर रहीं है।
साइबर पुलिस के अनुसार, इस ऐप को देशभर में लगभग 5 लाख लोगों ने डाउनलोड किया था। इनमें से बड़ी संख्या में लोग अभी भी ऐप से जुड़े हुए थे। पुलिस का अनुमान है कि ठगी की राशि 200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ऐप को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही गूगल को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है।
क्या है ‘मस्त मनी’ ऐप
‘मस्त मनी’ एक मोबाइल ऐप है, जिसकी मदद से लोग घर बैठे ऑनलाइन लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस ऐप में आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद पात्रता के अनुसार लोन देने का दावा किया जाता है। लोन मंजूर होने पर पैसे सीधे बैंक खाते में भेजे जाते हैं। हालांकि, किसी भी लोन ऐप का इस्तेमाल करने से पहले उसकी विश्वसनीयता, ब्याज दर, शुल्क और नियमों की अच्छी तरह जानकारी लेना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी या धोखाधड़ी से बचा जा सके।
कैसे होती है साइबर ठगी ?
कुछ साइबर अपराधी ‘मस्त मनी’ जैसे नामों वाले फर्जी या संदिग्ध लोन ऐप का इस्तेमाल लोगों को ठगने के लिए करते हैं। वे पहले आसान और जल्दी लोन देने का लालच देते हैं, फिर प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी चार्ज या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे मांगते हैं। कई बार ऐप डाउनलोड करते ही मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो और अन्य निजी जानकारी तक पहुंच ले लेते हैं। बाद में उसी जानकारी का दुरुपयोग कर लोगों को धमकाया या ब्लैकमेल किया जाता है और उनसे पैसे वसूले जाते हैं।

