प्रयागराज। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के आदेश के बाद झूंसी थाने में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस शिकायत में उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी का नाम भी शामिल है। मामला दो नाबालिगों के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा है, जिसे बेहद गंभीर माना जा रहा है।
आशुतोष ब्रह्मचारी की शिकायत से खुला मामला
सूत्रों के मुताबिक यह आरोप आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा लगाया गया है, जो रामभद्राचार्य के शिष्य हैं। उन्होंने कोर्ट में दावा किया कि अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर और गुरुकुल की आड़ में नाबालिगों का यौन शोषण किया जा रहा था। जब पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की, तो उन्होंने जिला अदालत में 173(4) CrPC के तहत अर्जी दाखिल की। इसके बाद 21 फरवरी को पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने FIR दर्ज करने का आदेश जारी किया।
पॉक्सो की गंभीर धाराओं में केस दर्ज
इस मामले पर कोर्ट आदेश के बाद प्रयागराज के झूंसी थाने ने पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 समेत कई धाराओं में FIR दर्ज की गई है। जिसके बाद पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है और माना जा रहा है कि जल्द ही अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
गुरुकुल और शिविरों पर उठे सवाल
वहीं आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि गुरुकुल और आध्यात्मिक शिविरों के नाम पर नाबालिग बच्चों का शोषण किया गया। उन्होंने 8 फरवरी को पॉक्सो स्पेशल कोर्ट में शिकायत दायर करते हुए कहा कि यह गतिविधियाँ पद्धति के नाम पर चल रही थीं और बच्चों को मानसिक व शारीरिक दोनों स्तर पर प्रताड़ित किया गया। FIR दर्ज होने के साथ मामला अब तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। पुलिस टीम साक्ष्य जुटाने और पीड़ितों के बयान दर्ज करने में लगी है। अधिकारियों का कहना है कि यह केस संवेदनशील है, इसलिए जांच पूरी सावधानी और गोपनीयता के साथ की जा रही है।


