ईरान। मिडिल ईस्ट की जियोपॉलिटिक्स एक बार फिर गरम है। डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम को सौंपने के लिए तैयार है और दोनों देशों के बीच शांति समझौता करीब है। हालांकि, ईरानी मीडिया ने इस दावे को सिरे से नकारते हुए इसे ग्राउंड रियलिटी से दूर बयान बताया है।
ट्रम्प का बड़ा बयान
जानकारी के मुताबिक, व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा ‘ईरान यूरेनियम हैंडओवर पर सहमत हो सकता है। समझौता होने पर ग्लोबल ऑयल सप्लाई नॉर्मल होगी। मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो सकता है। अगर समझौता पाकिस्तान की राजधानी में होता है, तो वह वहां यात्रा भी कर सकते हैं।’
ईरान– ‘हवाई बातें बंद करें’
वहीं ईरानी मीडिया और अधिकारियों ने डोनाल्ड ट्रम्प के दावे को ओवरस्टेटमेंट बताते हुए खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ‘अमेरिका और ईरान के बीच यूरेनियम को लेकर कोई आधिकारिक सहमति नहीं बनी है और वॉशिंगटन सिर्फ प्रेशर पॉलिटिक्स के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही, बातचीत को लेकर अब तक कोई स्पष्ट रोडमैप भी सामने नहीं आया है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच भरोसे की खाई अभी भी गहरी बनी हुई है।’
40 देशों की हाई-लेवल मीटिंग
सूत्रों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव को लेकर आज 40 देशों की वर्चुअल बैठक हो रही है। इस बैठक की अध्यक्षता फ्रांस और ब्रिटेन कर रहे हैं। जिसका फोकस तेल सप्लाई और शिपिंग रूट की सुरक्षा पर है। इसकी सबसे खास बात यह है कि अमेरिका इस मीटिंग में शामिल नहीं होगा। यह मीटिंग ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।


