दिल्ली। NCR समेत उत्तर भारत में अप्रैल का मौसम इस बार पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। आमतौर पर जहां इस समय तेज गर्मी दस्तक दे देती है, वहीं इस साल लगातार बारिश, आंधी और बादलों की आवाजाही ने मौसम को असामान्य बना दिया है। हाल ही में रात के समय दिल्ली, नोएडा और आसपास के इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई, वहीं आने वाले दिनों में भी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी है।
तापमान में गिरावट
जानकारी के मुताबिक, बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है। अधिकतम तापमान सामान्य से 5 से 8 डिग्री तक नीचे पहुंच गया है, जबकि सुबह-शाम हल्की ठंड का एहसास हो रहा है। वायु गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है और AQI संतोषजनक स्तर पर दर्ज किया गया है।
मौसम में बदलाव की 3 बड़ी वजह
1. बार-बार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में लगातार सक्रिय हो रहे Western Disturbances इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह हैं। ये सिस्टम भूमध्य सागर क्षेत्र से नमी लेकर आते हैं और उत्तर भारत में बारिश का कारण बनते हैं।
2. अरब सागर से मिल रही अतिरिक्त नमी
बता दें इस बार पश्चिमी विक्षोभ को अरब सागर से आ रही नम हवाओं का साथ मिल रहा है, जिससे वातावरण में नमी बढ़ गई है और बारिश की तीव्रता भी बढ़ी है।
3. जेट स्ट्रीम का बदला पैटर्न
ऊंचाई पर बहने वाली तेज हवाएं यानी जेट स्ट्रीम इस बार U-शेप में सक्रिय हैं। इससे ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंच रही हैं, जो मौसम को अस्थिर बना रही हैं।
पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में असर
वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में अभी भी बर्फबारी हो रही है। इसका सीधा असर मैदानी राज्यों—उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब—पर पड़ रहा है, जहां बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिल रही है।
किसानों के लिए चिंता बढ़ी
ऐसे मौसम की वजह से किसानों को भी काफी नुकसान हो रहा है। यह समय रबी फसलों की कटाई का होता है, लेकिन लगातार बारिश और ओलों ने गेहूं और चने की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो बाजार में अनाज और सब्जियों के दाम बढ़ने की आशंका है।

