भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सड़क हादसों के चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर कुल 264 सड़क दुर्घटनाओं के मामले दर्ज किए गए। इन हादसों में 75 लोगों की मौत हुई, जबकि 70 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं हादसों में 184 लोगों को मामूली चोटें लगने की जानकारी भी सामने आई है। सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण खराब सड़कें, स्ट्रीट लाइट की कमी, सड़कों पर मवेशियों का बैठना, गलत साइड से ओवर टेक और तेज गति से वाहन चलना है।
भोपाल-बैरसिया रोड हादसों में सबसे ऊपर
राजधानी भोपाल में सड़क हादसों में मारने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। भोपाल देहात में सबसे ज्यादा दुर्घटना बैरसिया भोपाल मार्ग पर देखने को मिल रही है। जनवरी से जुलाई यानी 7 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो भोपाल-बैरसिया रोड दुर्घटनाओं के मामले में सबसे आगे है। इस मार्ग पर 7 महीने में करीब 70 सड़क हादसे दर्ज किए गए. इनमें 23 लोगों की मौत हुई, जबकि 32 लोग गंभीर रूप से घायल और 44 लोग घायल हुए। इसके बाद दूसरे स्थान पर भोपाल बायपास रोड है, जहां 55 दुर्घटनाएं दर्ज हुईं। यहां 11 लोगों की मौत, 9 गंभीर रूप से घायल और 48 लोग घायल हुए हैं।
बैरसिया-नजीराबाद रोड पर 10 मौतें
बैरसिया से नजीराबाद मार्ग पर भी हादसों का आंकड़ा गंभीर स्थिति की ओर इशारा करता है। यहां सात महीने में 21 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 10 लोगों की जान चली गई। पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए और जबकि 15 अन्य घायल हुए. इसी तरह बैरसिया से विदिशा मार्ग पर 17 हादसों में 6 लोगों की मौत हुई। 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं, एक अन्य दर्ज मार्ग पर 20 हादसों में 5 मौतें और 13 घायल होने की जानकारी है।
ग्रामीण सड़कों पर क्यों बढ़ रहा हादसों का खतरा?
ग्रामीण और हाईवे से जुड़े मार्गों पर तेज रफ्तार, सड़क की स्थिति, वाहनों की आवाजाही, ओवरटेकिंग और यातायात नियमों की अनदेखी जैसे कारण सड़क हादसों का जोखिम बढ़ाते हैं। हालांकि, इन 264 हादसों में प्रत्येक दुर्घटना का कारण क्या था? इसको लेकर पुलिस ऐनालिसस कर रही है।
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दुर्घटना वाले स्थानों का निरीक्षण
भोपाल देहात क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर प्रशासन लगातार समीक्षा कर रहा है। देहात एसपी पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया इस साल के शुरुआती सात महीनों में 264 सड़क दुर्घटनाओं में 79 लोगों की मौत हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में यह संख्या कुछ कम है। दुर्घटनाओं वाले स्थानों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया है और हादसों के कारणों का विश्लेषण कर सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में उनके निवारण के प्रयास किए जा रहे हैं।
पंकज कुमार पाण्डेय ने आगे बताया सड़क हादसों की प्रमुख वजहों में ओवरस्पीडिंग, यातायात नियमों का पालन नहीं करना और लेफ्ट या राइट टर्न के दौरान गलत तरीके से ओवरटेक करना शामिल हैं। वहीं रात के समय अंधेरा और बारिश के दौरान तेज गति से वाहन चलाना भी हादसों का कारण सामने आया है। प्रशासन ने सड़कवार दुर्घटनाओं का विश्लेषण भी किया है। इसमें ईटखेड़ी से बैरसिया के बीच का मार्ग दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील पाया है।

