भोपाल: राजधानी भोपाल में डंपर मालिकों ने भारी जुर्माने के विरोध में काम बंद कर दिया है। शहर और आसपास चलने वाले करीब 2 हजार डंपरों के पहिए थम गए हैं, जबकि लगभग 700 डंपर मालिक चूनाभट्टी चौराहे पर धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान लाखों रुपए की पेनाल्टी लगाई जा रही है, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है।
डंपर मालिकों के अनुसार, पिछले दो दिनों से कोलार रोड, ईंटखेड़ी, रायसेन रोड और 11 मील समेत कई इलाकों में बड़ी संख्या में वाहन खड़े कर दिए गए हैं। कोलार रोड पर चूनाभट्टी चौराहे से सर्वधर्म ब्रिज तक भी सड़क किनारे डंपर खड़े नजर आ रहे हैं।
रेत-गिट्टी की सप्लाई पर असर
डंपरों का संचालन बंद होने का असर निर्माण सामग्री की सप्लाई पर भी पड़ने लगा है। कई इलाकों में रेत, गिट्टी और कोपरा की ढुलाई रोक दी गई है। हड़ताल लंबी चलने की स्थिति में शहर में चल रहे निर्माण कार्यों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
लोकल ट्रांसपोर्ट जागरूकता सहायता समिति के बैनर तले डंपर मालिक चूनाभट्टी चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को धरने का दूसरा दिन रहा।
₹4 लाख की पेनाल्टी पर आपत्ति
संगठन के सचिव रोहित यादव के मुताबिक, परिवहन के दौरान कार्रवाई होने पर डंपर पर ₹4 लाख की फिक्स पेनाल्टी लगाई जाती है। इसके अलावा 20 हजार से 40 हजार रुपए तक अतिरिक्त जुर्माना भी वसूले जाने का उनका दावा है।
डंपर मालिकों का कहना है कि पिछले करीब तीन साल से इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। संगठन ने जुर्माने की इस व्यवस्था को बंद करने और मामले में सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
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मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलना चाहते हैं। इसके लिए सांसदों और विधायकों से भी संपर्क किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि यदि बातचीत के बाद भी समाधान नहीं निकलता है तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने सड़कों पर डंपर खड़े करने की चेतावनी भी दी है। मंगलवार को डंपर मालिक बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।

