सिवनी; जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अभिषेक सराफ द्वारा एक अधिवक्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकीलों ने बुधवार को अतिरिक्त कलेक्टर कौरव को ज्ञापन सौंपकर CEO के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित अधिवक्ता कपिल शिवहरे ने बताया कि वे अपने पक्षकार के साथ भूमि संबंधी विवाद का आवेदन देने जनसुनवाई में जिला पंचायत CEO के पास गए थे। CEO अभिषेक सराफ ने न केवल आवेदन लेने से इनकार कर दिया, बल्कि उनके पक्षकार से कहा कि उन्हें अधिवक्ता कपिल शिवहरे द्वारा गुमराह किया जा रहा है। साथ ही उन्हें सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया गया।
कपिल शिवहरे ने कहा, “इस व्यवहार से मैं आत्मग्लानि महसूस कर रहा हूं। CEO ने आदर्श आचरण संहिता का खुला उल्लंघन किया है। उन पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।”
वरिष्ठ अधिवक्ता बोले– निंदनीय व्यवहार;
ज्ञापन सौंपने के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप सिंह बैस ने कहा कि जनसुनवाई में दूर-दराज से पीड़ित, शोषित और वंचित लोग न्याय की उम्मीद लेकर आते हैं। अधिकारियों द्वारा उनके साथ और अधिवक्ताओं के साथ इस तरह का व्यवहार अत्यंत निंदनीय है।
ज्ञापन सौंपने वालों में ये रहे मौजूद;
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रजीत सिंह गौतम, जिला बार पूर्व अध्यक्ष आनंद टैंभरे, प्रवेश मालेवर, अरविंद राय, अशोक शर्मा, राकेश सिंगारे, पंचम खैरवार, अंशुमान टेंभरे, शुभम बोस, विक्रम भूत, दिलन सिंह, मुकेश लिल्हारे, चंद्रप्रकाश गुप्ता, विजय बिसेन, राजकुमार गौतम, सुरेंद्र खोपरागड़े सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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