नई दिल्ली। फरवरी 2026 में दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit के दौरान एक प्रस्तुति ने अचानक राष्ट्रीय बहस का रूप ले लिया। मामला एक रोबोटिक डॉग “Orion” से जुड़ा है, जिसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदर्शित किया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद यह दावा किया गया कि जिस रोबोट को विश्वविद्यालय का इन-हाउस डेवलपमेंट बताया गया, वह वास्तव में एक विदेशी कंपनी का रेडीमेड मॉडल है। इस घटना ने न केवल संस्थान की पारदर्शिता पर सवाल उठाए, बल्कि भारत के उभरते AI इकोसिस्टम में अकादमिक विश्वसनीयता पर भी चर्चा तेज कर दी।
क्या हुआ AI समिट में?
जानकारी अनुसार, AI Summit के दौरान विश्वविद्यालय के स्टॉल पर चार पैरों वाला एक एडवांस रोबोटिक डॉग प्रदर्शित किया गया, जिसे “Orion” नाम दिया गया था। एक वायरल वीडियो में विश्वविद्यालय की प्रतिनिधि यह कहती हुई नजर आईं कि यह रोबोट उनके Centre of Excellence द्वारा विकसित किया गया है। साथ ही AI इकोसिस्टम में ₹350 करोड़ निवेश का दावा भी किया गया। जिसके बाद वीडियो के सामने आते ही टेक समुदाय में बहस छिड़ गई।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
बता दें टेक विशेषज्ञों और रोबोटिक्स समुदाय के कई सदस्यों ने दावा किया कि यह रोबोट चीन की कंपनी Unitree Robotics का लोकप्रिय मॉडल Unitree Go2 है। जिसमें मॉडल की संरचना और डिजाइन विदेशी मॉडल से मिलती-जुलती बताई गई है। साथ ही अनुमानित कीमत 2 से 3 लाख रुपये के बीच बताई गई। वहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसकी उपलब्धता का उल्लेख भी किया गया। आलोचकों का आरोप था कि एक आयातित हार्डवेयर को “इन-हाउस इनोवेशन” के रूप में प्रस्तुत किया गया।
यूनिवर्सिटी की आधिकारिक प्रतिक्रिया
यह पूरा विवाद बढ़ने के बाद विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि- विश्वविद्यालय ने रोबोट को खरीदा गया था। जिसे छात्रों के प्रयोग और रिसर्च प्रशिक्षण के लिए उपयोग किया जा रहा था। संस्थान ने इसे अपने द्वारा निर्मित नहीं बताया। हालांकि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कम्युनिटी नोट्स में दावा किया गया कि वीडियो में प्रस्तुति का स्वर अलग संकेत दे रहा था, जिससे भ्रम की स्थिति बनी।


