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अमरनाथ यात्रा 2026 20 दिन पहले बंद: खराब मौसम और लैंडस्लाइड के चलते 9 अगस्त से नए जत्थों पर रोक

पहलगाम। बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा 2026 तय समय से करीब 20 दिन पहले रोक दी गई है। लगातार बारिश, भूस्खलन और खराब मौसम के कारण यात्रा मार्गों को नुकसान पहुंचने के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है।

डिविजनल कमिश्नर कश्मीर अंशुल गर्ग ने बताया कि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में खराब मौसम की संभावना जताई है। इसके बाद 9 अगस्त से अमरनाथ यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों पहलगाम और बालटाल से नए श्रद्धालुओं के जत्थे नहीं भेजने का निर्णय लिया गया।

हालांकि, जो श्रद्धालु पहले से यात्रा मार्ग पर हैं, उनकी यात्रा पूरी कराई जाएगी। अब तक 4.8 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं।

छड़ी मुबारक के साथ होगा यात्रा का धार्मिक समापन

प्रशासनिक रूप से यात्रा 9 अगस्त से बंद हो जाएगी, लेकिन धार्मिक परंपरा के अनुसार अमरनाथ यात्रा का समापन छड़ी मुबारक कार्यक्रम के साथ होगा।

परंपरा के अनुसार पवित्र छड़ी मुबारक 28 अगस्त को पहलगाम के पारंपरिक मार्ग से अमरनाथ गुफा पहुंचेगी। इसी के साथ अमरनाथ यात्रा 2026 का आधिकारिक धार्मिक समापन माना जाएगा।

यात्रा शुरू होने के बाद ही गायब हो गया था हिमलिंग

इस साल अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिमलिंग यात्रा शुरू होने के कुछ दिन बाद ही तेजी से पिघल गया था।

23 मई को सुरक्षा बलों द्वारा जारी तस्वीरों में हिमलिंग की ऊंचाई करीब 7 फीट बताई गई थी। 29 जून को पहली पूजा के समय भी हिमलिंग 5 फीट से अधिक ऊंचा था। लेकिन 6 जुलाई तक इसका आकार करीब 90 प्रतिशत कम हो गया और 7 जुलाई को हिमलिंग पूरी तरह गायब हो गया।

हालांकि हिमलिंग के समाप्त होने के बाद भी श्रद्धालुओं की आस्था बनी रही और यात्रा जारी रही।

बाबा बर्फानी का शिवलिंग प्राकृतिक रूप से बनता है

अमरनाथ गुफा में बनने वाला हिम शिवलिंग किसी बर्फ के टुकड़े को तराशकर नहीं बनाया जाता, बल्कि यह पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया से तैयार होता है।

वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक आइस स्टैलेग्माइट है। गुफा की छत से लगातार टपकने वाला पानी ठंड के कारण जमता रहता है और धीरे-धीरे शिवलिंग का आकार ले लेता है।

हर साल इसका आकार तापमान, मौसम और पानी की उपलब्धता के अनुसार बदलता है। यही कारण है कि बाबा बर्फानी का स्वरूप हर वर्ष अलग दिखाई देता है।

अमरनाथ यात्रा के दो प्रमुख मार्ग

अमरनाथ यात्रा के लिए दो प्रमुख रास्ते हैं-

1. पहलगाम-नुनवान मार्ग:

  • लंबाई करीब 48 किलोमीटर
  • पारंपरिक और अपेक्षाकृत आसान मार्ग

2. बालटाल मार्ग:

  • लंबाई करीब 14 किलोमीटर
  • छोटा लेकिन कठिन और अधिक चढ़ाई वाला रास्ता

इस वर्ष यात्रा का समापन 28 अगस्त को निर्धारित था, लेकिन खराब मौसम के कारण इसे पहले ही रोकना पड़ा।

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