हैदराबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देशवासियों से जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने की अपील की है। ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। पेट्रोल-डीजल, एलपीजी गैस और कई जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे कई देशों में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि भारत में फिलहाल कीमतें स्थिर हैं, लेकिन आने वाले समय को लेकर चिंता बनी हुई है।
हैदराबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से नेशन फर्स्ट की भावना के साथ जीवनशैली में छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि देश के 140 करोड़ लोग छोटी-छोटी जिम्मेदारियां निभाएं, तो भारत वैश्विक संकट के असर को काफी हद तक कम कर सकता है।
1. एक साल तक सोना न खरीदने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में सोने का आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर भारी दबाव पड़ता है। ऐसे समय में लोगों को एक वर्ष तक सोना खरीदने और उपहार में देने से बचना चाहिए। उनका मानना है कि यह कदम देश की आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा।
2. पेट्रोल-डीजल बचाने की सलाह
पीएम मोदी ने नागरिकों से अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, लोग मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें। साथ ही कारपूलिंग अपनाकर ईंधन की खपत को कम किया जा सकता है।
3. खाने के तेल का कम इस्तेमाल
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत खाद्य तेल का बड़ा आयातक देश है। अगर हर परिवार खाने के तेल की खपत थोड़ी कम कर दे, तो इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और लोगों की सेहत भी बेहतर होगी।
4. प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर
उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती की ओर तेजी से बढ़ने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि देश को रासायनिक उर्वरकों की खपत आधी करने का लक्ष्य रखना चाहिए, ताकि कृषि लागत कम हो और पर्यावरण संरक्षण भी हो सके।
5. विदेश यात्राएं टालने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में विदेश यात्राओं पर खर्च बढ़ रहा है। ऐसे में शादी, छुट्टियों या अन्य कारणों से विदेश यात्रा को कुछ समय के लिए टालना देशहित में होगा।
6. वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता
पीएम मोदी ने कहा कि जहां संभव हो, कंपनियां और कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम मॉडल को अपनाएं। इससे ट्रैफिक कम होगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण भी घटेगा।
7. स्वदेशी अपनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने लोगों से विदेशी ब्रांड के उत्पादों का कम उपयोग करने और स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने की अपील की। उनका कहना था कि इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
संकट के दौर में ‘नेशन फर्स्ट’ संदेश
प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश सिर्फ आर्थिक बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान भी है। वैश्विक तनाव के इस दौर में सरकार और जनता दोनों के सहयोग से ही आर्थिक स्थिरता बनाए रखी जा सकती है।

