इस्लामाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस्लामाबाद एक बार फिर वैश्विक कूटनीति का केंद्र बन गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचा, जहां उनका स्वागत खुद सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने एयरपोर्ट पर किया। यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान इस वार्ता में अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
ईरानी डेलिगेशन का भावनात्मक संदेश
वहीं ईरान का प्रतिनिधिमंडल भी देर रात इस्लामाबाद पहुंचा, जिसकी अगुवाई संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ कर रहे हैं। आगमन के तुरंत बाद गालिबाफ ने एक तस्वीर साझा की, जिसमें विमान की सीटों पर बच्चों की तस्वीरें, खून से सने बैग और जूते रखे गए थे। यह प्रतीकात्मक कदम हाल ही में हुए स्कूल हमले में मारे गए मासूमों की याद में उठाया गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
सीजफायर पर बातचीत
सूत्रों के मुताबिक, पहले यह वार्ता सुबह शुरू होने वाली थी, लेकिन अब इसे दोपहर बाद के लिए टाल दिया गया है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत ‘प्रॉक्सिमिटी टॉक्स’ के जरिए होगी, यानी सीधे आमने-सामने बैठकर नहीं बल्कि मध्यस्थों के जरिए संवाद किया जाएगा।
इस वार्ता के लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान पीस डील में सकारात्मक और अच्छे तरीके से बातचीत करेंगे। इशाक डार ने दोहराया कि पाकिस्तान चाहता है कि वह दोनों पक्षों को आगे भी बातचीत में मदद करता रहे, ताकि संघर्ष का ‘स्थायी समाधान’ निकल सके।

