पटना: बिहार की राजनीति में मोकामा विधायक अनंत सिंह के बयान से एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निकाले जाने के बाद अनंत सिंह ने पार्टी के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में जेडीयू के लिए 10 सीटें जीतना भी मुश्किल हो जाएगा। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने की बात भी कही है।
जेडीयू के भविष्य पर उठाए सवाल?
रविवार 25 अक्टूबर को मीडिया से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने का कोई दुख नहीं है। उन्होंने जेडीयू के भविष्य को लेकर कहा कि पार्टी अब खत्म होने की स्थिति में है। आने वाले चुनाव में सबको इसकी सच्चाई पता चल जाएगी।
अनंत सिंह ने दावा किया कि जेडीयू अगर 10 सीटें भी जीत जाए तो यह बड़ी बात होगी। उनके इस बयान के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
अपनी पार्टी बनाने के दिए संकेत
अनंत सिंह ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि वह अब अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। हालांकि उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि नई पार्टी का गठन कब होगा और उनकी आगे की राजनीतिक रणनीति क्या रहेगी।
जेडीयू से निष्कासन के बाद अनंत सिंह के इस बयान को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके अगले कदम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की नजर बनी हुई है।
कांग्रेस ने बताया बीजेपी और एनडीए की चाल
अनंत सिंह को पार्टी से निकाले जाने के बाद कांग्रेस ने भी जेडीयू और एनडीए पर सवाल उठाए हैं। बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता स्नेहाशीष वर्धन ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान अनंत सिंह लगातार जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ बयान दे रहे थे, लेकिन उस समय पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जैसे ही अनंत सिंह ने ललन सिंह को पहचानने से इनकार किया, उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होने के बाद नोटिस देना और पार्टी से निकालना बीजेपी और एनडीए की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
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पूर्व मंत्री ने पार्टी के फैसले का किया समर्थन
दूसरी ओर, बिहार के पूर्व मंत्री अभिराम शर्मा ने अनंत सिंह को पार्टी से निकाले जाने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जेडीयू ने सही समय पर सही फैसला लिया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पार्टी के राष्ट्रीय नेता संजय झा का आभार भी जताया।
अनंत सिंह के निष्कासन और उनके तीखे बयानों ने बिहार में नई राजनीतिक बहस शुरू कर दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अनंत सिंह सच में अपनी नई पार्टी बनाएंगे और उनके इस कदम का जेडीयू की राजनीति पर कितना असर पड़ेगा।
फिलहाल 10 सीटों को लेकर उनका बयान एक राजनीतिक दावा है, जिसकी वास्तविक परीक्षा आने वाले चुनाव में ही होगी।

