मुंबई। भारतीय संगीत की अमर धुनों को अपनी आवाज़ देने वाली आशा भोसले अब इस दुनिया में नहीं रहीं, लेकिन उनके सुर हर दिल में हमेशा जीवित रहेंगे। 92 वर्ष की उम्र में उनके निधन ने सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि एक पूरे युग को हमसे छीन लिया है। देश-विदेश से फैंस, कलाकार और दिग्गज उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए तैयार हैं।
बता दें आशा ताई के पार्थिव शरीर को उनके मुंबई स्थित लोअर परेल के निवास ‘कासा ग्रांडे’ में रखा जाएगा। सुबह 11 बजे से फैंस और शुभचिंतक उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। यह वही क्षण होगा, जहां लाखों दिल अपनी प्रिय गायिका को आखिरी बार देख भावुक हो उठेंगे एक ऐसा पल, जो इतिहास में दर्ज होगा।
अंतिम संस्कार
परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम 4 बजे मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यही वो स्थान है जहां उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर को भी अंतिम विदाई दी गई थी अब एक और सुर साम्राज्ञी वहीं पंचतत्व में विलीन होंगी। यह पल भारतीय संगीत इतिहास के लिए बेहद भावुक और ऐतिहासिक होने वाला है।
सुरों का सफर
आशा भोसले का सफर सिर्फ करियर नहीं, एक प्रेरणा की कहानी रहा है। उन्होंने 12,000 से ज्यादा गीत, 20 से अधिक भाषाओं में गायन और हर शैली ग़ज़ल, पॉप, भजन, क्लासिकल में महारत हासिल की थी। हर दौर के साथ खुद को बदला, लेकिन अपनी पहचान को हमेशा कायम रखा।
सम्मान से भरा जीवन
आशा ताई को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण और कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके है। लेकिन सबसे बड़ा सम्मान उन्हें लाखों दिलों का प्यार मिला है।

