बालाघाट: किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से अवगत कराने और उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से मप्र शासन के निर्देश पर कृषि उपज मंडी गोंगलाई प्रांगण में बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन हुआ। महोत्सव में जिले के बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए, जिन्हें कृषि वैज्ञानिकों ने तकनीकी मार्गदर्शन दिया।
महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली जुड़े और किसानों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि बालाघाट जिले को नक्सलवाद से मुक्ति मिलने के बाद विकास को नई गति मिलेगी। हम सब मिलकर खेती-किसानी को आगे बढ़ाएंगे और किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट जिला खनिज संपदा से समृद्ध है, देश का 80 प्रतिशत मैंगनीज यहीं से निकलता है और मलाजखंड में तांबे का विशाल भंडार है। बालाघाट के चिन्नौर चावल की खुशबू लोगों को आकर्षित करती है। यहां के किसान मेहनती हैं और धान के साथ कोदो-कुटकी का भी उत्पादन करते हैं। जिला अकेले 60 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन करता है, जो विदेशों तक निर्यात होता है।
कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है जहां बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को डेयरी, पशुपालन, जैविक और आधुनिक खेती से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनकी आय दोगुनी हो रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को सम्मान निधि और बहनों को सम्मान राशि दे रही है, जबकि कुछ लोग विरोध की राजनीति कर रहे हैं।

