बांग्लादेश। भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में आम चुनाव 2026 के लिए मतदान जारी है। बता दें दोपहर 12 बजे तक करीब 32.88 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है। हालांकि, लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बीच हिंसा की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। गोपालगंज और मुंशीगंज में दो अलग-अलग पोलिंग बूथों के बाहर देसी बम धमाकों की सूचना मिली है, जबकि खुलना में एक पोलिंग बूथ पर हुई झड़प के बाद एक BNP नेता की मौत हो गई।
काफी दिलचस्प मुकाबला
वहीं यह चुनाव बांग्लादेश के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह शेख हसीना के करीब 15 साल लंबे शासन के अंत के बाद होने वाला पहला आम चुनाव है। साल 2024 में हुए व्यापक और हिंसक आंदोलन के बाद शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी और अब देश एक नए राजनीतिक अध्याय की ओर बढ़ता दिख रहा है।
इस बार चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। 11 राजनीतिक दलों के गठबंधन का नेतृत्व कर रही जमात-ए-इस्लामी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेतृत्व वाले गठबंधन को कड़ी चुनौती देती नजर आ रही है। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर उठ रही आशंकाओं पर जमात-ए-इस्लामी के शीर्ष नेतृत्व ने साफ कहा है कि किसी भी तरह के भेदभाव की नीति को वे पूरी तरह खारिज करते हैं।
सर्वे रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है, जिसे 50 प्रतिशत से ज्यादा समर्थन मिलने की बात कही जा रही है। पार्टी की कमान अब तारीक रहमान के हाथों में है, जो 17 साल के लंबे आत्मनिर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में बांग्लादेश लौटे थे।
जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने कहा है कि-अगर चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होता है, तो उनकी पार्टी जनता के फैसले को पूरी तरह स्वीकार करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चुनाव हिंसा से मुक्त रहेगा और देश को ऐसी सरकार मिलेगी जो किसी एक व्यक्ति, परिवार या दल की नहीं, बल्कि बांग्लादेश के करीब 18 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करेगी।
फिलहाल पूरे देश की नजरें मतदान प्रक्रिया और आने वाले नतीजों पर टिकी हुई हैं, जो बांग्लादेश की राजनीति की दिशा तय करेंगे।


