पटना: बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना जारी है। चौथे राउंड की गिनती पूरी होने के बाद भी जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर अपनी बढ़त बनाए हुए हैं। वह भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा से 1,145 वोटों से आगे चल रहे हैं, जबकि राजद की उम्मीदवार रेखा गुप्ता तीसरे स्थान पर हैं।
चौथे राउंड तक किसे कितने वोट?
चौथे राउंड की मतगणना के बाद उम्मीदवारों की स्थिति इस प्रकार है—
- प्रशांत किशोर (जन सुराज) – 6,269 वोट
- नीरज सिन्हा (भाजपा) – 5,124 वोट
- रेखा गुप्ता (राजद) – 884 वोट
चौथे राउंड तक भाजपा दूसरे स्थान पर बनी हुई है, जबकि प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए हुए हैं।
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पटना के एएन कॉलेज में सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की गई, जिसके बाद ईवीएम के वोटों की गिनती जारी है। मतगणना 14 टेबलों पर 31 राउंड में पूरी होगी। पूरे मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है।
25 उम्मीदवार मैदान में बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज के प्रशांत किशोर, भाजपा के नीरज सिन्हा, राजद की रेखा गुप्ता समेत कुल 25 उम्मीदवार मैदान में हैं।
भाजपा ने पहले से की जश्न की तैयारी
मतगणना से पहले ही भाजपा ने जीत का भरोसा जताते हुए जश्न की तैयारियां शुरू कर दी थीं। भाजपा नेता कल्लू ने कार्यकर्ताओं के लिए 200 किलो लड्डू तैयार करवाए हैं।
30 साल से भाजपा का गढ़ रही है बांकीपुर सीट
बांकीपुर विधानसभा सीट पर 1995 से लगातार भाजपा का कब्जा रहा है। पहले नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा और बाद में उनके पुत्र नितिन नवीन इस सीट से लगातार चुनाव जीतते रहे। वर्ष 2025 में नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उनके इस्तीफे से यह सीट रिक्त हुई, जिसके कारण उपचुनाव कराया जा रहा है।
कम मतदान ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
बांकीपुर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान हुआ था। इस बार 34.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2025 विधानसभा चुनाव के 41.39 प्रतिशत मतदान से करीब 7 प्रतिशत कम है। कम मतदान को लेकर सभी दल अपने-अपने दावे और आकलन कर रहे हैं।
मतदान के दिन विवाद भी हुआ
मतदान के दौरान जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी के कई पोलिंग एजेंटों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। इस मुद्दे पर जक्कनपुर थाने में उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस भी हुई थी।
क्यों अहम है बांकीपुर उपचुनाव?
बांकीपुर का परिणाम सिर्फ एक सीट का फैसला नहीं है। भाजपा के लिए यह अपनी पारंपरिक सीट बचाने की चुनौती है, जबकि प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी जन सुराज के लिए यह सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा मानी जा रही है। वहीं, राजद इसे शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है। इस उपचुनाव के नतीजों को 2027 बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।

