बारामती। महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बारामती विधानसभा उपचुनाव में अब मुकाबला लगभग खत्म होता नजर आ रहा है, क्योंकि प्रमुख विपक्षी दलों ने अपने उम्मीदवार वापस ले लिए हैं। इसके बाद उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हो गया है।
कांग्रेस ने बदली रणनीति
जानकारी के मुताबिक, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहले इस सीट से आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन अब पार्टी ने अचानक चुनाव से हटने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि यह कदम बदलते राजनीतिक समीकरणों और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए उठाया गया है।
बता दें बारामती उपचुनाव में नामांकन दाखिल करने वाले कुल 23 उम्मीदवारों ने अब तक अपने नाम वापस ले लिए हैं। इससे चुनावी मैदान पूरी तरह खाली हो गया है और सुनेत्रा पवार के सामने कोई मजबूत चुनौती नहीं बची है।
पवार परिवार का मजबूत गढ़
बारामती को लंबे समय से पवार परिवार का राजनीतिक किला माना जाता है। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने यहां से लगातार कई बार जीत दर्ज की थी। उनके निधन के बाद इस सीट पर सहानुभूति की लहर भी देखने को मिल रही है, जिसका फायदा सुनेत्रा पवार को मिल रहा है।
चुनाव प्रक्रिया पर असर
हालांकि इस सीट पर 23 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना प्रस्तावित थी, लेकिन अब सभी उम्मीदवारों के हटने के बाद औपचारिक घोषणा बाकी रह गई है। चुनाव आयोग जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय ले सकता है।

