जबलपुर: भेड़ाघाट में मानसून के बाद एक बार फिर पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो गई है। नर्मदा नदी का जलस्तर कम होने के बाद 12 अक्टूबर से पंचवटी में नौकायन शुरू कर दिया गया है। पर्यटक संगमरमर की ऊंची चट्टानों के बीच नावों से घूमकर नजारों का आनंद ले रहे हैं। हालांकि, पर्यटन गतिविधियां शुरू होने के साथ यहां सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
10 दिन पहले नौका विहार दोबारा शुरू किया गया
बारिश के दौरान नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने और पानी की तेज धारा के कारण धुआंधार जलप्रपात और आसपास का क्षेत्र खतरनाक हो जाता है। इसी वजह से जिला प्रशासन मानसून के दौरान करीब चार महीने तक इस पर्यटन स्थल पर पर्यटकों की आवाजाही रोक देता है। अक्टूबर में जलस्तर कम होने के बाद भेड़ाघाट प्रबंधन दोबारा पर्यटन गतिविधियां शुरू करने की तैयारी करता है।
मानसून समाप्त होने और जलस्तर घटने के बाद करीब 10 दिन पहले यहां नौका विहार दोबारा शुरू किया गया। फिलहाल भेड़ाघाट में करीब 30 नावें पर्यटकों को सैर करा रही हैं। इसके अलावा कुछ मोटरबोट भी संचालित की जा रही हैं। घाट पर दुकानें भी सजने लगी हैं और पर्यटकों का आना शुरू हो गया है।
पानी की गर्जना प्रकृति के अनोखे रूप का एहसास कराती है
जबलपुर की पहचान धुआंधार जलप्रपात से है। यहां नर्मदा नदी का पानी तेज गति से चट्टानों के बीच से नीचे गिरता है। पानी की छोटी-छोटी बूंदें हवा में उड़कर धुंध जैसा वातावरण बनाती हैं। इसी वजह से इस जलप्रपात का नाम धुआंधार पड़ा है।
जलप्रपात से उठती धुंध और पानी की गर्जना प्रकृति के अनोखे रूप का एहसास कराती है। मानसून के बाद यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यह नजारा प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।
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रोपवे और ग्लास ब्रिज भी पर्यटकों को करते हैं आकर्षित
भेड़ाघाट में पर्यटन को आकर्षक बनाने के लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके जरिए पर्यटक नर्मदा नदी के दूसरे किनारे और आसपास के प्राकृतिक नजारों को अलग नजरिए से देख सकते हैं। यहां बना ग्लास ब्रिज भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। कांच के फर्श पर खड़े होकर नीचे बहती नर्मदा नदी को देखना रोमांचक अनुभव देता है

